‘लोकतंत्र की जननी को बना दिया गूंगा लोकतंत्र’: CJP प्रदर्शन पर मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र को घेरा
मल्लिकार्जुन खरगे ने CJP प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा पाबंदियों और हिरासत की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। जयराम रमेश ने भी सवाल उठाए, जबकि राजधानी में सुरक्षा बढ़ाई गई और 46 मेट्रो स्टेशन बंद रखे गए।
नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली में व्यापक सुरक्षा इंतजामों और लोगों को हिरासत में लिए जाने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने भारत को ‘लोकतंत्र की जननी’ से ‘गूंगा लोकतंत्र’ में बदल दिया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर ‘जंतर-मंतर 2.0’ प्रदर्शन का आह्वान किया था। इस प्रदर्शन के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग उठाई जानी थी।
खरगे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि सरकार के खिलाफ सवाल उठाने वाले युवाओं, छात्रों, वकीलों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, किसान संगठनों के नेताओं और कंटेंट क्रिएटर्स को हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी निशाना साधा।
‘हिरासत और लाठियां लोगों को रोक नहीं सकतीं’
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हिरासत, गिरफ्तारी, जेल और पुलिस की कार्रवाई देश के लोगों को उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाने से नहीं रोक सकती। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के भविष्य को आकार देने में युवाओं की हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
खरगे ने कहा कि कांग्रेस संयुक्त विपक्ष के साथ मिलकर सरकार के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने लोकतंत्र, संविधान और प्रत्येक भारतीय के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ाई जारी रखने की बात कही।
जयराम रमेश ने भी केंद्र सरकार पर लगाए आरोप
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने भी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। एक्स पर पोस्ट करते हुए रमेश ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण युवा प्रदर्शन को रोकने के लिए राष्ट्रीय राजधानी को किले में तब्दील कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि युवा मताधिकार से जुड़े मुद्दों को लेकर चिंतित हैं और जंतर-मंतर पर अपनी बात रखना चाहते हैं।
रमेश ने संविधान के अनुच्छेद 326 का उल्लेख करते हुए कहा कि यह वयस्क मताधिकार से संबंधित है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के नेतृत्व में हो रहे प्रदर्शन को लेकर असहज है। ये टिप्पणियां कांग्रेस नेताओं के आरोप हैं।
अभिजीत दीपके और ध्रुव राठी को लेकर भी विवाद
प्रदर्शन से पहले CJP कार्यकर्ताओं की हिरासत को लेकर भी राजनीतिक विवाद बढ़ा। CJP कार्यकर्ता अभिजीत दीपके ने मुंबई से दिल्ली पहुंचने के बाद इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा कर दावा किया कि दिल्ली पुलिस उन्हें और उनके साथियों को विमान से उतरते समय हिरासत में लेने पहुंची थी।
CJP ने कंटेंट क्रिएटर ध्रुव राठी को हिरासत में लिए जाने का दावा भी किया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में ध्रुव राठी की हिरासत की स्वतंत्र पुष्टि या इस संबंध में पुलिस का आधिकारिक बयान शामिल नहीं है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दिए जाने की बात कही थी और सुरक्षा व्यवस्था के तहत कार्रवाई जारी रखी।
दिल्ली में कड़ी सुरक्षा, मेट्रो के 46 स्टेशन बंद
CJP के प्रदर्शन के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी में कई स्थानों पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई। दिल्ली में प्रवेश करने वाले मार्गों पर जांच बढ़ाई गई और व्यापक बैरिकेडिंग की गई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, दिल्ली मेट्रो के 46 स्टेशन बंद रखे गए। सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य प्रदर्शन के दौरान किसी अप्रिय घटना को रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना बताया गया।
CJP के प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस नेताओं ने सरकार की आलोचना की है। वहीं, हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या और सुरक्षा संबंधी कदमों को लेकर दिल्ली पुलिस की ओर से दी गई जानकारी इस घटनाक्रम का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू है।