Onion Price Hike: प्याज के दाम ने बिगाड़ा Kitchen Budget, कई शहरों में 60 रुपये के पार पहुंची कीमत
Onion Price Hike: त्योहारी सीजन से पहले प्याज की कीमतों में अचानक तेजी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। दिल्ली-NCR समेत कई शहरों में खुदरा बाजार में प्याज 60 रुपये से ज्यादा प्रति किलो बिक रही है। वहीं चीनी के बढ़ते दाम के बाद प्याज की महंगाई ने घरेलू बजट पर एक और दबाव बढ़ा दिया है।
त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले आम परिवारों की रसोई पर महंगाई का दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। पहले Sugar Price Hike ने लोगों के बजट को प्रभावित किया और अब रोजाना इस्तेमाल होने वाली प्याज की कीमतों में भी तेज उछाल देखने को मिल रहा है। देश के कई हिस्सों में प्याज के Retail Prices अचानक बढ़े हैं, जिससे घर का Kitchen Budget एक बार फिर प्रभावित होने लगा है।
दिल्ली-NCR समेत कई बड़े शहरों के बाजारों में प्याज की कीमत 60 से 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की खबर है। कुछ समय पहले यही प्याज लगभग 30-35 रुपये किलो के आसपास उपलब्ध थी। कीमतों में इस तेजी ने खासकर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों की चिंता बढ़ा दी है।
दिल्ली-NCR से Nashik तक बढ़े दाम
प्याज की कीमतों में तेजी सिर्फ दिल्ली-NCR तक सीमित नहीं है। महाराष्ट्र के नासिक समेत देश के कई प्रमुख बाजारों में भी इसके भाव में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
उपभोक्ता मामलों के विभाग से जुड़े आंकड़ों के मुताबिक प्याज का Average Retail Price करीब 42 रुपये प्रति किलो के आसपास रहा, जो पिछले महीने के मुकाबले लगभग 20 फीसदी अधिक है। हालांकि स्थानीय बाजारों में कीमत इससे काफी ज्यादा हो सकती है।
नासिक जैसे प्रमुख Onion Producing Hub में भी पिछले कुछ हफ्तों में कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्याज की आपूर्ति और बाजार में उपलब्ध स्टॉक के बीच संतुलन बिगड़ने से कीमतों पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
क्यों बढ़ रहे हैं Onion Prices?
प्याज की कीमत कई कारकों पर निर्भर करती है। उत्पादन, मौसम, मंडियों में आवक, भंडारण और अलग-अलग राज्यों में Supply Chain इसकी कीमत को सीधे प्रभावित करते हैं।
जब मंडियों में प्याज की आवक कम होती है या किसी क्षेत्र में उपलब्ध स्टॉक घटता है, तो Wholesale और Retail दोनों बाजारों में कीमत बढ़ सकती है। त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने से भी बाजार पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
हालांकि मौजूदा तेजी कितने समय तक बनी रहेगी, यह आने वाले दिनों में मंडियों में प्याज की आवक और सरकारी हस्तक्षेप पर काफी हद तक निर्भर करेगा।
Government ने शुरू की Price Control की तैयारी
प्याज के बढ़ते दाम को देखते हुए केंद्र सरकार बाजार में हस्तक्षेप की तैयारी कर रही है। सरकार अपने Buffer Stock से प्याज उन बाजारों में जारी कर सकती है जहां Supply कम होने के कारण Retail Price तेजी से बढ़ी है।
Buffer Stock का उद्देश्य ही ऐसी परिस्थितियों में बाजार में अतिरिक्त प्याज उपलब्ध कराकर कीमतों में अचानक होने वाली तेजी को नियंत्रित करना है। अगर पर्याप्त मात्रा में प्याज बाजार में पहुंचती है, तो Retail Prices पर दबाव कम होने की उम्मीद है।
Sugar Price Hike के बाद Onion ने बढ़ाई चिंता
प्याज की महंगाई ऐसे समय में सामने आई है जब चीनी की कीमतों में भी तेजी देखने को मिल रही है। Sugar Price Hike के कारण त्योहारों से पहले मिठाइयों और घरेलू इस्तेमाल की लागत बढ़ने की चिंता पहले से बनी हुई है।
चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हुई है। विपक्ष की ओर से आरोप लगाया गया है कि गन्ने का एक हिस्सा Ethanol Production में जाने के कारण Sugar Supply प्रभावित हो रही है। हालांकि केंद्र सरकार ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि देश में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता है और कीमतों में बदलाव के लिए Ethanol को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
Festival Season में बढ़ा Kitchen Budget का दबाव
भारत में प्याज रोजाना इस्तेमाल होने वाली प्रमुख सब्जियों में शामिल है। सब्जी, दाल, ग्रेवी और कई दूसरे व्यंजनों में इसका इस्तेमाल होने के कारण कीमतों में छोटा बदलाव भी घर के मासिक खर्च पर असर डालता है।
अब जब त्योहारी सीजन नजदीक है, परिवारों को मिठाई, खाद्य तेल, सब्जियों और अन्य जरूरी सामान पर पहले से अधिक खर्च करना पड़ सकता है। ऐसे में प्याज के दाम में आई तेजी ने घरेलू बजट की चिंता और बढ़ा दी है।
आने वाले दिनों में सरकार की ओर से Buffer Stock जारी करने और बाजार में प्याज की Supply बढ़ने के बाद कीमतों में कितनी राहत मिलती है, इस पर सभी की नजर रहेगी।