वैश्विक रिपोर्ट्स में 'पाकिस्तान' आतंक का केंद्र, पहलगाम हमले ने बढ़ाया दबाव...

By  Preeti Kamal April 21st 2026 01:55 PM

नई दिल्ली, भारत: पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े नए खुलासों ने एक बार फिर पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क और उनके वैश्विक प्रभाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह हमला The Resistance Front (TRF) द्वारा अंजाम दिया गया, जो Lashkar-e-Taiba (LeT) का एक सहयोगी (ऑफशूट) माना जाता है।

हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों, जिनमें एक विदेशी नागरिक भी शामिल था, की बेरहमी से हत्या कर दी गई। बताया गया कि हमलावरों ने लोगों को उनके धर्म के आधार पर अलग कर निशाना बनाया। TRF को अमरीका ने विदेशी आतंकी संगठन (FTO) घोषित किया हुआ है। यह हमला ऐसे समय में हुआ जब जम्मू-कश्मीर में सफल चुनावों के बाद आर्थिक विकास और स्थिरता की दिशा में प्रगति हो रही थी, जिससे इस हमले को क्षेत्र को अस्थिर करने की साजिश के रूप में देखा जा रहा है।

पाकिस्तान के शामिल होने के ठोस सबूत हैं

इस हमले की जांच में पाकिस्तान की भूमिका के ठोस संकेत मिले हैं। 28 जुलाई 2025 को श्रीनगर के बाहरी इलाके में मारे गए तीन पाकिस्तानी आतंकियों के बाद यह मामला और स्पष्ट हुआ। मौके से मिले पहचान पत्रों के अनुसार, एक हमलावर हबीब ताहिर था, जो पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के खैगाला के पास कोइयन गांव का निवासी था, जबकि दूसरे की पहचान बिलाल अफजल के रूप में हुई।

भर्ती अभियान, रैलियां और भारत विरोधी भाषण लगातार जारी

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के खिलाफ पाकिस्तान द्वारा गैर-राज्य तत्वों का इस्तेमाल लगातार जारी है। आतंकवाद के वित्तपोषण के तरीके भी बदल रहे हैं और अब डिजिटल वॉलेट व क्रिप्टोकरेंसी के जरिए एन्क्रिप्टेड लेन-देन का सहारा लिया जा रहा है, जिससे जांच और चुनौतीपूर्ण हो गई है।

पाकिस्तान में आतंकी संगठनों के मुख्यधारा में आने को लेकर भी चिंता बढ़ी है। Jaish-e-Mohammad (JeM) ने अपनी भर्ती बढ़ाई है और “जमात-उल-मोमिनात” नाम से महिला विंग शुरू की है। वहीं Lashkar-e-Taiba (LeT) ने अपने प्रशिक्षण ढांचे का विस्तार करते हुए “वॉटर विंग” स्थापित किया है, जो समुद्री रणनीतिक कौशल सिखाता है। भर्ती अभियान, रैलियां और भारत विरोधी भाषण लगातार जारी हैं।


आतंकवाद के मामले में 'पाकिस्तान' पहले पायदान पर

वैश्विक रिपोर्ट्स भी इन चिंताओं को पुष्ट करती हैं। Global Terrorism Index 2026 के अनुसार पाकिस्तान आतंकवाद के मामले में शीर्ष पर है। वहीं Congressional Research Service (CRS) की 25 मार्च 2026 की रिपोर्ट में पाकिस्तान को कई सक्रिय आतंकी संगठनों का संचालन केंद्र बताया गया है।

अमरीकी नेताओं की हत्या में शामिल है पाकिस्तानी आसिफ मर्चेंट

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाल के घटनाक्रम भी स्थिति की गंभीरता को दर्शाते हैं। मार्च 2026 में पाकिस्तानी नागरिक आसिफ मर्चेंट को अमरीकी नेताओं की हत्या की साजिश में दोषी पाया गया। वहीं, पाकिस्तान मूल के मुहम्मद शाहजेब खान ने न्यूयॉर्क में एक यहूदी केंद्र पर ISIS प्रेरित हमले की कोशिश के मामले में दोष स्वीकार किया। इसके अलावा अगस्त 2025 में दक्षिण कोरिया में Lashkar-e-Taiba से जुड़े एक पाकिस्तानी नागरिक को अवैध प्रवेश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

वैश्विक आतंकवाद का एक प्रमुख केंद्र है 'पाकिस्तान'

विशेषज्ञों का कहना है कि ये घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि पाकिस्तान वैश्विक आतंकवाद का एक प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यह न केवल दक्षिण एशिया बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक गंभीर चुनौती है, जिस पर सख्त और समन्वित अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की जरूरत है।

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