पेट्रोल-डीजल कीमतों में बढ़ोतरी पर बोले किरेन रिजिजू, कहा- दुनिया के मुकाबले भारत में सबसे कम असर
केंद्रीय मंत्री Kiren Rijiju ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की बढ़ी कीमतों का बचाव करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण दुनिया के कई देशों में ईंधन की कीमतों में 20 फीसदी से लेकर लगभग 100 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई, जबकि भारत में यह बढ़ोतरी काफी सीमित रही।
रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि भारत ने वैश्विक संकट के बावजूद पेट्रोल की कीमतों में केवल 3.2 फीसदी और डीजल में 3.4 फीसदी की बढ़ोतरी की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में सरकार ने आर्थिक स्थिरता और जनकल्याण के बीच संतुलन बनाए रखा है।
उन्होंने कहा, “जब दुनिया बढ़ती ईंधन कीमतों से जूझ रही थी, तब भारत अलग नजर आया। कई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला, लेकिन भारत ने आम लोगों पर बोझ कम रखने की कोशिश की।”
रिजिजू ने यह भी कहा कि ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ने के बावजूद भारत की सरकारी तेल कंपनियों ने कई हफ्तों तक भारी नुकसान झेलकर आम नागरिकों को महंगाई और आर्थिक दबाव से बचाने का प्रयास किया।
किन देशों में कितनी बढ़ीं कीमतें?
रिजिजू द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक:
- Malaysia में पेट्रोल की कीमतों में 89.7% और डीजल में 112.7% की बढ़ोतरी हुई।
- United States में पेट्रोल 44% और डीजल 48.1% महंगा हुआ।
- China में पेट्रोल की कीमत 21.7% और डीजल 23.7% बढ़ा।
भारत में कितनी बढ़ीं कीमतें?
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की। नई दरों के बाद New Delhi में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये प्रति लीटर हो गई, जबकि डीजल 87.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया।
क्यों बढ़ीं ईंधन की कीमतें?
ईंधन कीमतों में यह बढ़ोतरी पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच हुई है। खासकर अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण वैश्विक कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। इसके चलते ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है, जिसका असर दुनियाभर के तेल बाजारों पर देखने को मिल रहा है।