पुणे, महाराष्ट्र: पुणे के मोस्ही इलाके में भवन ढहने के बाद राहत और बचाव अभियान गुरुवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), सेना, दमकल विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मलबे और कचरे के विशाल ढेर के नीचे फंसे लोगों की तलाश में लगातार जुटी हुई हैं। अधिकारियों के अनुसार, अब तक 9 लोगों को जीवित बचा लिया गया है, जबकि 6 से 7 अन्य लोगों के अभी भी मलबे में फंसे होने की आशंका है।

पुणे के पुलिस उपायुक्त गणेश इंगले ने बताया कि बुधवार दोपहर से बचाव अभियान बिना रुके जारी है। उन्होंने कहा, "NDRF, सेना, दमकल विभाग और पूरा प्रशासन लगातार काम कर रहा है। हमें 16-17 लोगों के फंसे होने की जानकारी मिली थी। अब तक 9 लोगों को निकाल लिया गया है। भारी मात्रा में कचरा जमा होने के कारण राहत कार्य में कठिनाई आ रही है।"

पूरी रात मलबे में फंसे लोगों की तलाश की गई

NDRF की पांचवीं बटालियन ने बताया कि कमांडेंट एस.बी. सिंह के मार्गदर्शन और सहायक कमांडेंट प्रवीण धत की निगरानी में टीमें कोलैप्स्ड स्ट्रक्चर सर्च एंड रेस्क्यू (सीएसएसआर) अभियान चला रही हैं। पूरी रात विशेष उपकरणों और तकनीकी खोज विधियों की मदद से मलबे में फंसे लोगों की तलाश की गई। NDRF के अनुसार, स्थानीय लोगों से मिली जानकारी से संकेत मिलता है कि कुछ और लोग अभी भी मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं। उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अभियान पूरी तीव्रता से जारी है।

यह हादसा लगातार बारिश के बाद उस समय हुआ, जब नगर निगम के वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट के पास जमा कचरे का विशाल ढेर खिसककर तीन मंजिला प्रशासनिक भवन पर गिर गया। इससे कई लोग अंदर फंस गए और बड़े स्तर पर संयुक्त बचाव अभियान शुरू करना पड़ा।

मुंबई-पुणे रेल मार्ग पर बहाली का काम भी जारी

इधर, भारी बारिश के कारण प्रभावित हुए मुंबई-पुणे रेल मार्ग पर बहाली का काम भी जारी है। मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला ने बताया कि नौ में से छह स्थानों पर काम पूरा हो चुका है और फिलहाल एक लाइन के जरिए दोनों दिशाओं में लगभग 24-25 ट्रेनें चलाई जा रही हैं। दूसरी लाइन शुरू होते ही मुंबई-पुणे रेल यातायात पूरी तरह सामान्य करने का प्रयास किया जाएगा।

खतरनाक पेड़ों की पहचान के लिए चेतावनी पोस्टर लगाए गए

उधर, मुंबई में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने मानसून सुरक्षा उपायों को तेज करते हुए खतरनाक पेड़ों की पहचान के लिए चेतावनी पोस्टर लगाए हैं। वहीं, मरीन ड्राइव पर सुबह के समय ऊंची ज्वार की लहरें तट से टकराती दिखाई दीं, जिसके बाद प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।