कोलकाता से पीएम मोदी का संदेश: 'योग से बनेगा स्वस्थ और सशक्त विश्व'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि योग केवल व्यक्तिगत जीवनशैली का हिस्सा नहीं है, बल्कि दुनिया के बेहतर भविष्य की आवश्यकता भी है।

By  Preeti Kamal June 21st 2026 10:00 AM -- Updated: June 21st 2026 08:44 AM

पश्चिम बंगाल, कोलकाता: कोलकाता। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित भव्य कार्यक्रम का नेतृत्व किया। हजारों लोगों के साथ योगासन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि पूरी मानवता को जोड़ने वाली शक्ति है।

प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज पूरा भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया योग के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़ती हुई दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि योग लोगों को जोड़ता है, समाज को जोड़ता है और पूरी मानवता को एक सूत्र में पिरोने का कार्य करता है।

योग दिवस की थीम "Yoga for Healthy Ageing" रखी गई

इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम "Yoga for Healthy Ageing" रखी गई है। इस विषय का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि योग उम्र बढ़ने के साथ व्यक्ति की क्षमता को कम नहीं होने देता। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि 40 वर्ष की उम्र में हम 20 वर्ष से अधिक लचीले हों, 50 वर्ष की उम्र में 30 वर्ष से अधिक ऊर्जावान हों और 70 वर्ष की उम्र में जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के प्रति अधिक सक्षम हों। योग इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

योग भविष्य की आवश्यकता है- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि योग केवल व्यक्तिगत जीवनशैली का हिस्सा नहीं है, बल्कि दुनिया के बेहतर भविष्य की आवश्यकता भी है। उन्होंने लोगों से योग को केवल एक दिन तक सीमित न रखने और इसे परिवार तथा आने वाली पीढ़ियों की जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने महान साहित्यकार रबीन्द्रनाथ टैगौर को याद किया। उन्होंने कहा कि गुरुदेव टैगोर का मानना था कि मनुष्य की पहचान दुनिया से जुड़ने में है और यही योग का मूल संदेश भी है।

प्रधानमंत्री ने किया भगवद्गीता का उल्लेख, संतुलित जीवन का दिया संदेश

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भगवद्गीता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने संतुलित भोजन, संतुलित जीवनशैली, संतुलित कार्य और संतुलित दिनचर्या को योग का आधार बताया है। यही संतुलन आधुनिक जीवन की चुनौतियों और तनाव से मुक्ति दिलाने का मार्ग है।

गौरतलब है कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। 175 देशों के समर्थन से पारित इस प्रस्ताव के बाद 21 जून 2015 को पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया था। आज योग एक वैश्विक जनआंदोलन का रूप ले चुका है और दुनिया भर में करोड़ों लोग इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना चुके हैं।

© Copyright Galactic Television & Communications Pvt. Ltd. 2026. All rights reserved.