मेलबर्न में गरजे पीएम मोदी: आतंकियों के अड्डों पर हुए धमाकों की गूंज पूरी दुनिया ने सुनी

ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों, प्रवासी भारतीयों की भूमिका, विकसित भारत के विजन और 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्त नीति को दोहराया।

By  Laxman July 9th 2026 05:05 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में भारतीय समुदाय के एक भव्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत की वैश्विक ताकत, आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति और भारत-ऑस्ट्रेलिया के मजबूत होते रिश्तों पर विस्तार से बात की। इस दौरान उन्होंने भारतीय समुदाय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि विदेशों में बसे भारतीय दोनों देशों के बीच सबसे मजबूत कड़ी हैं।

कार्यक्रम की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को अपना मित्र बताते हुए भारत और ऑस्ट्रेलिया की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

'मेलबर्न ने मैदान मार लिया'

अपने संबोधन की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी ने हिंदी और गुजराती में सभी का अभिवादन करते हुए की। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद हजारों लोगों का उत्साह देखकर कहा कि यह आयोजन पूरी तरह "हाउसफुल और ब्लॉकबस्टर" साबित हुआ है।

उन्होंने कहा कि मेलबर्न में भारतीय समुदाय की ऊर्जा और उत्साह अद्भुत है। जिस गर्मजोशी से उनका स्वागत किया गया, वह हमेशा याद रहेगा।

भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों का किया जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब वह पहली बार 2014 में ऑस्ट्रेलिया आए थे, तब लगभग 28 वर्षों बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री वहां पहुंचा था। उस समय उन्होंने वादा किया था कि अब इतना लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में यह उनका ऑस्ट्रेलिया का तीसरा दौरा है, जो दोनों देशों के बीच लगातार मजबूत होते रिश्तों का प्रतीक है। उन्होंने इसका श्रेय ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय को दिया, जिसने दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

'हम दूध में घुलने वाली चीनी की तरह हैं'

भारतीय संस्कृति का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के किसी भी कोने में रहने वाले भारतीय वहां की संस्कृति में घुल-मिल जाते हैं और समाज को और समृद्ध बनाते हैं।

उन्होंने कहा, "हम भारतीय दूध में घुलने वाली चीनी की तरह हैं, जो उसे और मीठा बना देती है। घर का दूध भले ऑस्ट्रेलिया का हो, लेकिन चाय भारतीय बन जाती है। सब्जियां स्थानीय हो सकती हैं, लेकिन उनका स्वाद भारतीय मसालों से ही आता है।"

उन्होंने मेलबर्न के उन इलाकों का भी जिक्र किया जिन्हें लोग "लिटिल इंडिया" या "मिनी इंडिया" के नाम से जानते हैं।

विकसित भारत के विजन पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी का भारत केवल विकास की बात नहीं कर रहा, बल्कि विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत में हर उपलब्धि एक नए लक्ष्य को जन्म देती है। देश आज "Grow More, Achieve More" की सोच के साथ आगे बढ़ रहा है और 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाएं ही उसकी सबसे बड़ी ताकत हैं।

गगनयान से 6G तक भारत की उपलब्धियां

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की तकनीकी और वैज्ञानिक प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि भारत जल्द ही गगनयान मिशन लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है और भविष्य में अपना स्वयं का स्पेस स्टेशन स्थापित करने की दिशा में काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा 5G बाजार बन चुका है और अब स्वदेशी 6G तकनीक पर तेजी से काम चल रहा है।

इसके अलावा उन्होंने मेट्रो नेटवर्क, वंदे भारत ट्रेनों और नमो भारत रैपिड रेल जैसी आधुनिक परिवहन परियोजनाओं को भारत के बदलते इंफ्रास्ट्रक्चर का उदाहरण बताया।

ऑपरेशन सिंदूर का भी किया जिक्र

अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की कार्रवाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दुनिया आज भारत के रक्षा क्षेत्र की क्षमता और विश्वसनीयता को देख रही है।

उन्होंने कहा कि "ऑपरेशन सिंदूर" के दौरान आतंकवादी ठिकानों पर हुए धमाकों की गूंज पूरी दुनिया ने सुनी। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से पूछा कि क्या भारत की इस कार्रवाई ने उन्हें गर्व से भर दिया।

प्रधानमंत्री का यह बयान भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख को दर्शाने वाला माना जा रहा है।

'मेक इन इंडिया' बना वैश्विक पहचान

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में 'मेक इन इंडिया' केवल एक सरकारी अभियान नहीं रहा, बल्कि वैश्विक ब्रांड बन चुका है।

उन्होंने बताया कि भारत में बने मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और फार्मास्युटिकल उत्पाद दुनिया के कई देशों में अपनी मजबूत पहचान बना चुके हैं। इससे भारत वैश्विक विनिर्माण क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है।

कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीयों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे जहां भी रहते हैं, वहां भारत की संस्कृति, मूल्यों और परंपराओं का सम्मान बढ़ाते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत और ऑस्ट्रेलिया की साझेदारी आने वाले वर्षों में और अधिक मजबूत होगी।

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