“देखते हैं कौन है महिला-विरोधी”: प्रियंका गांधी ने सरकार पर साधा निशाना...

By  Preeti Kamal April 18th 2026 11:14 AM

नई दिल्ली, भारत: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार से मूल महिला आरक्षण विधेयक को दोबारा पेश करने की अपील की। यह मांग उस दिन के बाद आई जब संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक, 2026 विशेष संसद सत्र के दौरान लोकसभा में पारित नहीं हो सका।

विशेष सत्र के अंतिम दिन से पहले मीडिया से बात करते हुए प्रियंका गांधी ने सरकार को चुनौती दी कि वह उस पुराने विधेयक को वापस लाए, जिसे पहले सभी दलों का व्यापक समर्थन मिला था। उन्होंने कहा, “वे (केंद्र) पुराना महिला बिल लाएं, जिसे सभी पार्टियों ने पास किया था, सोमवार को तुरंत लाएं। सोमवार को संसद चलाएं, बिल लाएं और देखें कौन महिला-विरोधी है। हम सब वोट करेंगे और आपका समर्थन करेंगे।”

असफल विधेयक को लेकर राजनीतिक टकराव तेज

प्रियंका गांधी की यह टिप्पणी उस समय आई है जब सत्तारूढ़ भाजपा-नेतृत्व वाली सरकार और विपक्षी दलों के बीच इस असफल विधेयक को लेकर राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। यह विधेयक परिसीमन प्रक्रिया के जरिए संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने से जुड़ा था। लोकसभा में यह बिल आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका, जहां 298 सदस्यों ने समर्थन में और 230 ने विरोध में मतदान किया।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने घोषणा की कि यह संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हुआ है। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार इससे जुड़े बाकी दो विधेयकों को आगे नहीं बढ़ाएगी।

विपक्षी दलों पर सुधार को रोकने का लगा आरोप

भाजपा ने विपक्षी दलों पर ऐतिहासिक सुधार को रोकने का आरोप लगाया है, जिसका उद्देश्य संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करना था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और अन्य दलों ने बिल पारित होने से रोका और इसके राजनीतिक परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।

यह चुनावी संरचना बदलने की कोशिश थी- राहुल गाँधी

हालांकि, विपक्ष का कहना है कि वह सिद्धांत रूप में महिला आरक्षण का समर्थन करता है, लेकिन इसे परिसीमन और जनगणना प्रक्रियाओं से जोड़ने का विरोध करता है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस विधेयक को भारत की चुनावी संरचना बदलने का प्रयास बताया, जबकि कांग्रेस के कई नेताओं ने इस मतदान को लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा बताया।

© Copyright Galactic Television & Communications Pvt. Ltd. 2026. All rights reserved.