सत्य निकेतन हादसे में 3 गिरफ्तार, बिल्डिंग मालिक के बाद पत्नी और बेटा भी पुलिस के शिकंजे में

Satya Niketan Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे में पुलिस ने बिल्डिंग मालिक, उसकी पत्नी और बेटे समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। हादसे में सात लोगों की मौत हुई, जबकि MCD के पांच अधिकारी भी सस्पेंड किए गए हैं।

By  Laxman September 7th 2026 07:25 PM

नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन में PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही इमारत के ढहने के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में बिल्डिंग मालिक हरिराम गुप्ता, उनकी पत्नी उर्मिला और बेटा महेश शामिल हैं। तीनों को राजस्थान के भिवाड़ी से पकड़ा गया। हादसे के बाद करीब 27 घंटे तक चला राहत और बचाव अभियान अब पूरा हो चुका है।

पुलिस के मुताबिक, संपत्ति उर्मिला के नाम पर थी, जबकि बिजली कनेक्शन हरिराम गुप्ता के नाम पर था। उनका बेटा महेश इमारत के प्रबंधन का काम संभालता था। पूछताछ में आरोपियों ने बेसमेंट में निर्माण कार्य चलने की बात बताई है। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान वहां मजदूर भी काम कर रहे थे।

27 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

इमारत गिरने के बाद मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया गया। करीब 27 घंटे तक चले ऑपरेशन में 12 लोगों को बाहर निकाला गया। इनमें से सात लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल बताए गए हैं।

मृतकों में पांच छात्र भी शामिल हैं। हादसे में सोनभद्र के 20 वर्षीय अभिषेक, दुर्ग के 20 वर्षीय युवराज सोनी, औरैया के 17 वर्षीय पवन, देवास के 19 वर्षीय अर्पित जहाज और कटनी के 18 वर्षीय अक्षत सिंह यादव की मौत हुई है। इसके अलावा 75 वर्षीय मजदूर सुरिंदर सिंह की भी जान गई। एक मृतक की पहचान अभी नहीं हो पाई है।

घायलों में असगर अली, नीरज बावा, आदित्य कुमार, नितीश चिब और मोहम्मद अयान शामिल हैं। इनमें से तीन की हालत गंभीर बताई गई है।

पहले मालिक की हुई थी गिरफ्तारी

हादसे के बाद पुलिस ने बिल्डिंग मालिक हरिराम गुप्ता की तलाश शुरू कर दी थी। पुलिस ने उसके पालम विहार स्थित आवास पर भी दबिश दी थी, लेकिन वह वहां नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों और करीबियों के यहां तलाश तेज की।

आखिरकार उसे राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार किया गया। अब उसकी पत्नी और बेटे की गिरफ्तारी के बाद पुलिस हादसे से जुड़े निर्माण कार्य, संपत्ति के संचालन और सुरक्षा मानकों की भी जांच कर रही है।

MCD के 5 अधिकारी भी सस्पेंड

मामले में प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ी कार्रवाई हुई है। MCD के डिप्टी कमिश्नर, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

इस कार्रवाई से यह संकेत मिला है कि जांच में भवन की निगरानी और निर्माण नियमों के पालन से जुड़े पहलुओं को भी गंभीरता से देखा जा रहा है।

दिल्ली सरकार ने PG और हॉस्टल व्यवस्था पर की बैठक

हादसे के बाद उपराज्यपाल की अध्यक्षता में बैठक हुई। दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने कहा कि राजधानी में पढ़ाई के लिए आने वाले छात्रों के लिए रेजिडेंशियल सुविधाओं की कमी एक बड़ी चुनौती है।

उन्होंने कहा कि कोचिंग संस्थानों और PG वाले इलाकों में संबंधित विभाग मिलकर इमारतों की जांच करेंगे। साथ ही मौजूदा हॉस्टल विकसित करने और PG तथा संस्थानों को नियमित करने से जुड़े विकल्पों पर भी काम किया जाएगा। सरकार ने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विभागों को समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करने की बात कही है।

हाईकोर्ट ने भी मांगा जवाब

सत्य निकेतन हादसे को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल जनहित याचिका पर भी सुनवाई हुई है। अदालत ने दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार, MCD, दिल्ली पुलिस, दिल्ली विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि वह दिल्ली सरकार, केंद्र और MCD की ओर से पेश होंगे। कोर्ट ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। मामले में अगली सुनवाई 25 सितंबर को होगी।

अब पुलिस जांच के साथ-साथ प्रशासनिक और न्यायिक स्तर पर भी यह पता लगाने की कोशिश होगी कि इमारत में चल रहे निर्माण कार्य, भवन की सुरक्षा और संबंधित विभागों की निगरानी में कहां चूक हुई।

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