E20 Protest: तहसीन पूनावाला का दिल्ली पुलिस पर आरोप, बोले- बिना लिखित आदेश किया हाउस अरेस्ट

E20 फ्यूल पॉलिसी के खिलाफ प्रदर्शन से पहले एक्टिविस्ट तहसीन पूनावाला ने दिल्ली पुलिस पर बिना लिखित आदेश हाउस अरेस्ट करने का आरोप लगाया। जानिए क्या है पूरा मामला और E20 पेट्रोल को लेकर उनकी क्या मांगें हैं।

By  Preeti Kamal August 1st 2026 04:10 PM -- Updated: August 1st 2026 03:53 PM

नई दिल्ली: एक्टिविस्ट तहसीन पूनावाला (Tehseen Poonawalla) ने शनिवार को आरोप लगाया कि केंद्र की E20 ईंधन नीति के खिलाफ प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने उन्हें ग्रेटर कैलाश स्थित उनके आवास पर बिना किसी लिखित आदेश के हाउस अरेस्ट कर दिया। पूनावाला ने 27 जुलाई को ऐलान किया था कि वह APJ Abdul Kalam Marg से Tees January Marg स्थित Gandhi Smriti तक अकेले मार्च करेंगे और केंद्र सरकार की E20 फ्यूल पॉलिसी के विरोध में दिनभर का मौन उपवास रखेंगे।

पूनावाला के मुताबिक, उनके घर से निकलने के निर्धारित समय से करीब 30 मिनट पहले, सुबह लगभग 9:30 बजे कई दिल्ली पुलिसकर्मी, जिनमें महिला पुलिस अधिकारी भी शामिल थीं, उनके आवास पर पहुंचे और उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया।

तहसीन पूनावाला ने लगाए गंभीर आरोप

पूनावाला ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेने का न तो कोई लिखित आदेश दिखाया और न ही ऐसा कोई दस्तावेज दिया, जिसमें कार्रवाई की वजह बताई गई हो। पूनावाला का दावा है कि पुलिस अधिकारियों ने उनसे कहा कि मार्च में हजारों लोगों के शामिल होने की आशंका थी, इसलिए उन्हें बाहर जाने से रोका जा रहा है।

एक्स पर साझा किए गए वीडियो में पूनावाला को एक पुलिस अधिकारी से कथित हिरासत को लेकर सवाल करते हुए देखा गया। उन्होंने कहा कि उनके पास कोई कागज या आदेश नहीं है और वह हाउस अरेस्ट में हैं। पुलिस अधिकारी ने जवाब दिया कि प्रस्तावित मार्च से कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा हो सकती थी और उन्होंने पूनावाला से सहयोग करने को कहा। पूनावाला ने एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी आरोप लगाया कि उनके घर के बाहर मौजूद पत्रकारों ने उन्हें बताया कि इलाके में जैमर लगाए जाने के कारण इंटरनेट एक्सेस नहीं हो पा रहा था।

दिल्ली पुलिस ने मीडिया से बात करने से रोका- पूनावाला

पूनावाला ने यह भी दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें मीडिया से बात करने से रोका और चेतावनी दी कि प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों को गिरफ्तार किया जा सकता है और उनके वाहनों को जब्त किया जा सकता है। पूनावाला ने आगे आरोप लगाया कि उनका इंस्टाग्राम अकाउंट भी कुछ घंटों के लिए सस्पेंड हुआ था, जिसे बाद में बहाल कर दिया गया।

E20 फ्यूल पॉलिसी के खिलाफ प्रदर्शन

पूनावाला ने यह सोलो मार्च तब घोषित किया था, जब कथित तौर पर पुलिस ने उनकी संस्था Team Bharat के 'Gaadi March' को 31 जुलाई को संसद तक निकालने की अनुमति नहीं दी थी। प्रदर्शन की घोषणा करते हुए पूनावाला ने कहा था कि अकेले पैदल चलना और शांतिपूर्वक बैठना किसी कानून का उल्लंघन नहीं है। उन्होंने कहा था कि वह उस जगह पर मौन व्रत रखेंगे, जहां महात्मा गांधी की हत्या हुई थी।

पूनावाला केंद्र की E20 फ्यूल पॉलिसी के खिलाफ अभियान चला रहे हैं और इस मुद्दे पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) की आलोचना भी करते रहे हैं। उनकी मांग है कि उपभोक्ताओं को सामान्य पेट्रोल, E5, E10 और E20 ईंधन में से अपनी जरूरत के मुताबिक विकल्प चुनने की अनुमति दी जानी चाहिए। उनकी मुहिम से जुड़े Team Bharat की प्रमुख मांगों में पेट्रोल पंपों पर 100 प्रतिशत पेट्रोल के साथ E5 और E10 ईंधन की उपलब्धता बनाए रखना भी शामिल है।

क्या है E20 पेट्रोल?

E20 पेट्रोल ऐसा ईंधन है जिसमें 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल मिलाया जाता है। केंद्र की E20 नीति को लेकर कुछ विपक्षी नेताओं और उपभोक्ता समूहों ने सवाल उठाए हैं।

कुछ पुराने वाहनों के मालिकों की ओर से दावा किया गया है कि E20 ईंधन के इस्तेमाल से माइलेज कम हो सकता है और मेंटेनेंस खर्च बढ़ सकता है। हालांकि, E20 को लेकर सरकार और विशेषज्ञों की ओर से इसके पर्यावरणीय और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े फायदों पर भी जोर दिया गया है। फिलहाल तहसीन पूनावाला के आरोपों पर दिल्ली पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया इस कॉपी में उपलब्ध नहीं है।

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