नई दिल्ली: छात्रों पर 20 जुलाई को हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद परिसर में गुरुवार को विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन किया। INDIA ब्लॉक के कई दलों के सांसद मकर द्वार पर जुटे और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस मामले में जवाब देने की मांग की। सुबह करीब 10:30 बजे विपक्षी सांसद मकर द्वार पहुंचे। उनके हाथों में पोस्टर थे, जिन पर लिखा था—‘अमित शाह संसद से गायब क्यों?’

यह प्रदर्शन दिल्ली में 20 जुलाई को हुए ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच हुआ। छात्र कथित NEET-UG 2026 पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे थे।

राहुल गांधी और खरगे ने भी उठाए सवाल

इस मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मांग का समर्थन किया था। खरगे ने आरोप लगाया कि छात्रों के खिलाफ कथित तौर पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। राहुल गांधी ने इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच की मांग की थी।

विपक्ष का आरोप है कि 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान छात्रों के खिलाफ जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, इस पूरे मामले को लेकर सरकार और सुरक्षा एजेंसियों का अपना पक्ष है।

राम मंदिर चंदे का मुद्दा भी उठा

विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन के दौरान अयोध्या स्थित राम मंदिर से जुड़े दान में कथित गड़बड़ी और हेराफेरी का मुद्दा भी उठाया। वहीं, संसद में दूसरी ओर परीक्षा सुधार को लेकर सरकार की ओर से लाया गया Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026 राज्यसभा से भी पारित हो गया। इससे पहले लोकसभा ने बुधवार को इसे मंजूरी दी थी।

Paper Leak Bill में क्या है खास?

संशोधन विधेयक का उद्देश्य परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं और पेपर लीक पर कार्रवाई के लिए कानूनी व्यवस्था को और मजबूत करना है। इसमें पेपर लीक जैसे मामलों में कड़ी सजा, जांच के लिए Special Task Force और मामलों की सुनवाई के लिए Special Fast Track Courts का प्रावधान किया गया है। लोकसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच पेपर लीक और छात्र प्रदर्शन से निपटने के तरीके को लेकर तीखी बहस भी हुई थी।