नई दिल्ली: दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC) के प्रधान हरमीत सिंह कालका ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने SGPC के ऊंचे पदों पर बैठे लोगों की कथित चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि मौजूदा घटनाक्रम से पूरी सिख कौम का सिर शर्म से झुक गया है। कालका ने कहा कि SGPC में कथित तौर पर हुए “कुकर्म” और “दुष्कर्म” पर वह विस्तार से नहीं जाना चाहते, लेकिन सवाल यह है कि संस्था में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग इन मामलों पर खामोश क्यों हैं।

हरमीत सिंह कालका ने SGPC के साथ-साथ दिल्ली में बैठे अकाली दल के नेताओं परमजीत सिंह सरना और मनजीत सिंह जीके की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि वह सरना साहब के पुराने बयान को याद करते हैं, जिसमें कथित तौर पर SGPC के दफ्तरों में बेड लगाए जाने की बात कही गई थी। कालका ने आरोप लगाया कि आज SGPC से जुड़ी कुछ सरायों में भी इसी तरह की गतिविधियां होने के आरोप सामने आ रहे हैं।

गुरु साहिब के नाम पर बनी सराय को लेकर गंभीर आरोप

कालका ने दावा किया कि गुरु गोविंद सिंह और गुरु अर्जन देव के नाम पर बनी सरायों का इस्तेमाल कथित तौर पर गलत गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां महिलाओं को लाकर रखा जाता है और उनके साथ गलत काम किए जाने की शिकायतें हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह की घटनाएं SGPC से जुड़े संस्थानों में होती हैं तो जिम्मेदार लोगों को गुरु के सामने जाने और जवाब देने की स्थिति पर विचार करना चाहिए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस बयान से नहीं होती है। संबंधित SGPC पदाधिकारियों या अन्य पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।

‘उस महिला को एक महीने तक वहां क्यों रखा गया?’

हरमीत सिंह कालका ने एक महिला को कथित तौर पर लंबे समय तक सराय में रखे जाने को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि जिस महिला को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उसे कथित तौर पर एक महीने तक वहां क्यों रखा गया। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में SGPC के जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और यह बताना चाहिए कि संबंधित स्थान पर क्या हुआ था तथा वहां किसी महिला को इतने लंबे समय तक रखने की जरूरत क्यों पड़ी।

आरोपों पर SGPC की प्रतिक्रिया अहम

कालका के बयान में SGPC की कार्यप्रणाली, सरायों के इस्तेमाल और कथित अनियमितताओं को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए गए हैं। इन आरोपों की वास्तविक स्थिति संबंधित जांच, दस्तावेजों और SGPC की आधिकारिक प्रतिक्रिया से ही स्पष्ट हो सकती है। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मौजूदा अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका इससे पहले भी सिख संस्थाओं और दिल्ली की सिख राजनीति से जुड़े मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से अपनी राय रखते रहे हैं। हालिया रिपोर्टों में भी उन्हें DSGMC के अध्यक्ष के रूप में उद्धृत किया गया है।