मुंबई, महाराष्ट्र: दिवंगत दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे को ₹500 करोड़ के मुआवजे और सार्वजनिक माफी की मांग वाला कानूनी नोटिस भेजा है। सतीश सालियान की ओर से यह कार्रवाई दिशा की मौत की ताजा जांच और उनसे जुड़े बयानों को लेकर की गई है। सतीश सालियान का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील निलेश ओझा ने शनिवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि उनके एक जूनियर वकील ने आदित्य ठाकरे को नोटिस सौंपा। उन्होंने कहा कि नोटिस में माफी के साथ ₹500 करोड़ के मुआवजे के लिए डिमांड ड्राफ्ट की मांग की गई है।

निलेश ओझा ने कहा कि नोटिस आदित्य ठाकरे की ओर से कथित तौर पर दिए गए बयानों और वकील को धमकी दिए जाने के आरोपों के संदर्भ में भेजा गया है। उन्होंने कहा, “संविधान के तहत सभी बराबर हैं।” ओझा के मुताबिक, उनके वकील को कथित तौर पर कानून की प्रैक्टिस नहीं करने देने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि इसी वजह से वे आदित्य ठाकरे के घर के बाहर नोटिस देने पहुंचे। सतीश सालियान ने भी इससे पहले कहा था कि वह अपने वकील के साथ आदित्य ठाकरे के मुंबई स्थित आवास पर जाकर नोटिस देना चाहते हैं। उन्होंने इसे “आम आदमी की ताकत” दिखाने से जोड़ा था।

आदित्य ठाकरे ने आरोपों से किया इनकार

शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने दिशा सालियान को जानने या उनसे कभी मिलने से इनकार किया है। 16 सितंबर को सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा था कि उनके नाम को दिशा सालियान की मौत के मामले से जोड़ना उनके खिलाफ “evidence-free” चरित्र हनन की कोशिश है। ठाकरे ने यह भी कहा था कि मामले की नई जांच जारी रहनी चाहिए और इसमें राजनीतिक हस्तक्षेप या “distractions” नहीं होने चाहिए। वहीं, आदित्य ठाकरे के घर के बाहर पहुँचने के बाद, दिशा सालियन के पिता सतीश सालियन ने कहा, "यह नोटिस मानहानि से जुड़ा है। मुआवज़ा 500 करोड़ रुपये है। वह (आदित्य ठाकरे) रोज़ झूठ बोलते हैं...।"

दिशा सालियान केस में CBI की नई जांच

दिशा सालियान की मौत जून 2020 में मुंबई में एक ऊंची इमारत से गिरने के बाद हुई थी। उनकी मौत को शुरुआती तौर पर Accidental Death Report के तहत दर्ज किया गया था। 2 सितंबर 2026 को बॉम्बे हाई कोर्ट ने मामले में CBI जांच का आदेश दिया। इसके बाद CBI ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की। रिपोर्टों के मुताबिक, FIR में हत्या, गैंगरेप, आपराधिक साजिश और सबूतों से छेड़छाड़ जैसे आरोपों की जांच शामिल है। CBI की FIR में आदित्य ठाकरे समेत कई लोगों के नाम जांच के दायरे में आने की बात रिपोर्ट की गई है। हालांकि, किसी व्यक्ति का FIR में नाम होना अपने आप में उसे आरोपी घोषित नहीं करता। संबंधित लोगों की भूमिका जांच के दौरान तय की जानी है।

सतीश सालियान और आदित्य ठाकरे के दावे अलग-अलग

एक तरफ सतीश सालियान ने अपनी बेटी की मौत की परिस्थितियों को लेकर नई जांच की मांग की है और अब मानहानि के आरोपों के आधार पर कानूनी नोटिस भेजा है। दूसरी तरफ आदित्य ठाकरे ने दिशा सालियान से किसी भी तरह के परिचय या मुलाकात से इनकार करते हुए आरोपों को राजनीतिक और व्यक्तिगत मकसद से जोड़ने का दावा किया है। मामले की CBI जांच अभी जारी है और जांच एजेंसी के निष्कर्ष तथा आगे की न्यायिक कार्यवाही से ही आरोपों की स्थिति स्पष्ट होगी।