चंडीगढ़: पंजाब के सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते यानी Dearness Allowance (DA) को लेकर बड़ी राहत की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान और कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक में DA में कुल 8% बढ़ोतरी देने पर सहमति बनी है। बढ़ा हुआ DA कर्मचारियों को दो किस्तों में दिया जाएगा। प्रत्येक किस्त 4% की होगी।
बैठक के बाद सरकार और कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें मंत्री अमन अरोड़ा ने बताया कि DA बढ़ाने के मुद्दे पर सहमति बन गई है। प्रस्ताव के मुताबिक कर्मचारियों को 8% की बढ़ोतरी दो चरणों में मिलेगी। इससे सरकारी कर्मचारियों के कुल DA में बढ़ोतरी होगी और उनके मासिक वेतन पर इसका असर पड़ेगा।
अक्टूबर की Salary में मिल सकता है बढ़े DA का लाभ
कर्मचारियों के लिए सबसे अहम बात यह है कि बढ़ा हुआ DA अक्टूबर से लागू किए जाने की बात कही गई है। ऐसे में अक्टूबर की सैलरी में कर्मचारियों को बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ मिलने की संभावना है।
सरकार के इस फैसले से पंजाब के सरकारी खजाने पर करीब 248 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ने का अनुमान है। DA में बढ़ोतरी लंबे समय से कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगों में शामिल रही है।
अमन अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कर्मचारी संगठनों की मांगों को गंभीरता से सुना है। सरकार और कर्मचारियों के बीच बातचीत का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। करीब दो सप्ताह बाद मुख्यमंत्री के साथ दोबारा बैठक प्रस्तावित है।
DA के साथ दूसरे मुद्दों पर भी हुई चर्चा
बैठक में सिर्फ महंगाई भत्ते का मुद्दा ही नहीं उठा। कर्मचारी यूनियनों ने कई अन्य लंबित मांगों को भी सरकार के सामने रखा। सरकार की ओर से इन मामलों पर बातचीत और समीक्षा के जरिए समाधान तलाशने की बात कही गई।
कर्मचारी संगठनों ने 17 जुलाई 2020 के बाद केंद्रीय वेतनमान के आधार पर भर्ती किए गए कर्मचारियों को पंजाब सरकार का वेतनमान देने की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने इस मामले की जांच कराने की बात कही।
इसके अलावा प्रोबेशन पीरियड के दौरान कर्मचारियों को मिलने वाले 17 हजार और 19 हजार रुपये के वेतन की व्यवस्था की समीक्षा का मुद्दा भी बैठक में उठा।
Old Pension Scheme की मांग भी सामने आई
बैठक में कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करने की मांग भी दोहराई। यूनियन नेताओं का कहना है कि सरकार की ओर से इस संबंध में पहले आश्वासन दिया गया था। सरकार ने बताया कि इस विषय पर विचार किया जा रहा है।
इसके साथ ही कर्मचारियों ने हर महीने काटे जाने वाले 200 रुपये के Professional Tax को खत्म करने की मांग भी रखी।
कच्चे कर्मचारियों और कंप्यूटर शिक्षकों की मांग
कर्मचारी संगठनों ने कच्चे कर्मचारियों के वेतन से जुड़ा मुद्दा भी उठाया। उनकी मांग है कि उन्हें सिर्फ बेसिक पे के आधार पर भुगतान करने के बजाय संबंधित भत्तों के साथ पूरा वेतन दिया जाए।
वहीं, नियमित किए जा चुके कंप्यूटर शिक्षकों को संबंधित विभाग में शामिल करने की मांग भी बैठक में रखी गई। इन मांगों पर सरकार ने विचार करने की बात कही है।
इसके अलावा मिड-डे मील वर्करों के वेतन का मुद्दा भी सामने आया। यूनियन नेताओं ने कहा कि 3,000 रुपये के मानदेय में काम करना मुश्किल है और इसमें संशोधन किया जाना चाहिए। सरकार की ओर से इस मामले में भी सकारात्मक रुख अपनाने की बात कही गई।
अगली बैठक अक्टूबर के पहले सप्ताह में संभव
सांझा मुलाजिम फ्रंट के कनवीनर सतीश राणा के मुताबिक DA का मामला अदालत में भी चल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 8% DA देने पर सहमति जताई है और सरकार की ओर से जो लाभ मिलेगा, कर्मचारी उसे स्वीकार करेंगे। बाकी मांगों और कानूनी मामलों को उनके स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा।
सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच अगली महत्वपूर्ण बैठक अक्टूबर के पहले सप्ताह में होने की संभावना बताई गई है। इससे पहले DA की बढ़ोतरी लागू होने के बाद कर्मचारियों की सैलरी में इसका वास्तविक असर दिखाई देगा।
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