पंजाब में भारतीय जनता पार्टी की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ शुरू होने से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है। BJP नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने आरोप लगाया है कि पठानकोट जाते समय उनके काफिले को निशाना बनाया गया। बिट्टू के मुताबिक, कुछ लोगों ने उनके काफिले पर अंडे और टमाटर फेंके और उनके सुरक्षा दल ने तीन लोगों को पकड़ा, जिनका कथित तौर पर आम आदमी पार्टी से संबंध है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
बिट्टू ने इस घटना के बाद एक वीडियो जारी कर पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें कुछ होता है तो पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और DGP जिम्मेदार होंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे स्थानीय AAP विधायक शैरी कलसी का हाथ है। यह आरोप भी फिलहाल बिट्टू के बयान पर आधारित है।
पठानकोट जाते समय क्या हुआ?
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बिट्टू BJP की नशा मुक्त पंजाब यात्रा के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पठानकोट जा रहे थे। रास्ते में बटाला के पास घासीतपुर गांव के आसपास उनके काफिले को कथित तौर पर रोका गया और प्रदर्शन कर रहे लोगों की ओर से अंडे और टमाटर फेंके गए। कुछ रिपोर्टों में पत्थर फेंके जाने का भी दावा किया गया है।
बिट्टू के कार्यालय के अनुसार, उनके सुरक्षा दल ने तीन लोगों को पकड़ा। BJP नेता ने दावा किया कि इन लोगों के AAP से संबंध हैं और आरोप लगाया कि उन्हें उनकी यात्रा में शामिल होने से रोकने के लिए भेजा गया था। हालांकि, इन व्यक्तियों की राजनीतिक संबद्धता और घटना में उनकी भूमिका की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
‘मुझे कुछ हुआ तो CM और DGP जिम्मेदार’
घटना के बाद बिट्टू ने वीडियो संदेश में पंजाब के मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक को अपनी सुरक्षा के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि अभी तक कोई SSP या अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है।
बिट्टू ने इस घटना को राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा और लोकतांत्रिक गतिविधियों से जोड़ते हुए तत्काल जांच की मांग की। उनके कार्यालय ने भी पंजाब सरकार से मामले की जांच कराने और राजनीतिक कार्यकर्ताओं व नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
BJP leader & former Union Minister Ravneet Singh Bittu was on his way to Pathankot to attend the BJP Yatra, which will be launched today by BJP National President Nitin Nabin, when his cavalcade was attacked, says Ravneet Bittu's office. According to the former Union Minister's…
— ANI (@ANI) September 18, 2026
BJP की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ पर विवाद
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब पंजाब BJP ने राज्यव्यापी ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ शुरू की है। पार्टी के मुताबिक, अभियान चार अलग-अलग मार्गों से चलेगा और करीब 4,000 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचेगा। इसका समापन 30 सितंबर को जालंधर में प्रस्तावित है।
पहली यात्रा 18 सितंबर को पठानकोट से शुरू की गई। BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने इसका उद्घाटन किया। अगले चरणों में फतेहगढ़ साहिब, फाजिल्का और तलवंडी साबो से भी यात्राएं शुरू होनी हैं। पार्टी ने नशे के अलावा कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार को भी अभियान के प्रमुख मुद्दों में शामिल किया है।
दिलचस्प बात यह है कि यात्रा शुरू होने से पहले पंजाब BJP ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पंजाब पुलिस से संपर्क भी किया था। प्रदेश BJP नेतृत्व ने DGP से मुलाकात कर यात्रा के दौरान पर्याप्त सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन की मांग की थी।
नशे के मुद्दे पर BJP का AAP पर हमला
BJP इस यात्रा को नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान के तौर पर पेश कर रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि पंजाब के युवाओं और नशे से प्रभावित परिवारों को इस अभियान से जोड़ा जाएगा।
BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी पंजाब में नशे की समस्या को लेकर राजनीतिक दलों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दलों ने सत्ता की राजनीति के लिए ड्रग्स के मुद्दे का इस्तेमाल किया और नशे के कारोबार को राजनीतिक संरक्षण मिलने की बात कही। ये BJP की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।
इससे पहले चंडीगढ़ में BJP के ‘मावां मांगदियां जवाब’ कार्यक्रम में नशे से प्रभावित परिवारों ने अपनी आपबीती साझा की थी। पार्टी ने इन्हीं अनुभवों को यात्रा के अभियान से जोड़ने की बात कही है।
घटना से पंजाब की राजनीति में बढ़ा तनाव
रवनीत बिट्टू के काफिले को लेकर लगाए गए आरोपों ने BJP और AAP के बीच राजनीतिक टकराव को और बढ़ा दिया है। BJP की ओर से जहां घटना को राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा का गंभीर मुद्दा बताया जा रहा है, वहीं इस मामले में पुलिस जांच से यह स्पष्ट होना बाकी है कि वास्तव में घटना के दौरान क्या हुआ, कौन लोग इसमें शामिल थे और उनकी राजनीतिक संबद्धता क्या थी।
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि बिट्टू के लगाए आरोपों की जांच में क्या सामने आता है। यदि पुलिस जांच में किसी साजिश या हमले की पुष्टि होती है, तो मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी। दूसरी ओर, नशा मुक्त पंजाब यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बनी हुई है।
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