नई दिल्ली: दिल्ली में दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के ड्राइवरों और कंडक्टरों की हड़ताल का असर दूसरे दिन भी व्यापक रहा। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, हड़ताल के दूसरे दिन 5,000 से अधिक बसें सड़कों पर नहीं उतरीं, जिससे रोजाना बसों से सफर करने वाले करीब 40 लाख यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हड़ताल के कारण कई बस स्टैंड पर यात्रियों को लंबे समय तक बसों का इंतजार करना पड़ा। कई लोगों ने मेट्रो, ऑटो, ई-रिक्शा और कैब का सहारा लिया। कुछ यात्रियों ने वैकल्पिक साधनों के लिए अधिक किराया वसूले जाने की शिकायत भी की।
दैनिक जागरण के अनुसार, दिल्ली में DTC के कुल 6,500 से अधिक बसों के बेड़े में से करीब 5,000 बसों का संचालन हड़ताल के दूसरे दिन प्रभावित रहा। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों के संगठन ने दावा किया कि दिल्ली के 83 डिपो में बड़ी संख्या में बसें खड़ी रहीं। आईटीओ, मंडी हाउस, करोल बाग, चाणक्यपुरी, दरियागंज, प्रगति मैदान और लक्ष्मी नगर समेत कई इलाकों में यात्रियों को बसों का इंतजार करना पड़ा। कुछ यात्रियों ने बताया कि बस नहीं मिलने के कारण उन्हें मेट्रो या ऑटो का सहारा लेना पड़ा।
दिल्ली में #DTC बसों की हड़ताल। नहीं चल रही बसें। कई जगह तोड़फोड़ की सूचना। ड्राइवरों की बोनस, ओवरटाइम और मेडिकल की मांग। हड़ताल से यात्रियों की परेशानी बढ़ी। pic.twitter.com/IvtNpYv2Zu
— NBT Dilli (@NBTDilli) September 16, 2026
यात्रियों पर बढ़ा सफर का खर्च
बस सेवा प्रभावित होने के बाद ऑटो और ई-रिक्शा पर निर्भरता बढ़ी। कुछ यात्रियों ने सामान्य से अधिक किराया मांगे जाने की शिकायत की। हिंदुस्तान टाइम्स ने भी रिपोर्ट किया कि हड़ताल के कारण कई यात्रियों को वैकल्पिक परिवहन के लिए अतिरिक्त खर्च करना पड़ा। दिल्ली में रोजाना बस से सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए यह स्थिति खास तौर पर मुश्किल रही, क्योंकि कई यात्रियों को एक ही यात्रा के लिए मेट्रो और दूसरे साधनों का इस्तेमाल करना पड़ा।
कर्मचारियों की क्या हैं मांगें?
DTC कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में दैनिक वेतन बढ़ाकर 2,000 रुपये करना, मेडिकल सुविधा, सालाना बोनस, सरकारी छुट्टियों का भुगतान, ओवरटाइम और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाएं शामिल हैं। यूनियन का दावा है कि मौजूदा न्यूनतम दैनिक वेतन 862 रुपये है। हड़ताल में शामिल ज्यादातर चालक निजी एजेंसियों के माध्यम से संचालित बसों, खासकर नई इलेक्ट्रिक बसों को चलाते हैं। कर्मचारियों ने बसों को नुकसान पहुंचने पर लगाए जाने वाले जुर्माने को हटाने की मांग भी उठाई है।
सरकार ने क्या कहा?
दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने कर्मचारियों से हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए तैयार है। साथ ही इलेक्ट्रिक बसों का संचालन करने वाली कंपनियों को लंबित मुद्दों को जल्द सुलझाने के निर्देश दिए गए हैं। DTC प्रबंधन ने भी बस संचालन से जुड़ी 16 कंपनियों के प्रतिनिधियों को बुलाकर हड़ताल की स्थिति पर जवाब मांगा है। सरकार की ओर से समस्या का स्थायी समाधान तलाशने की बात कही गई है।
हड़ताल पर AAP ने BJP सरकार को घेरा
हड़ताल के बीच आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। AAP ने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि दिल्ली में बस ड्राइवर अपने अधिकारों के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं और इसका सीधा असर आम यात्रियों पर पड़ रहा है। AAP ने अपने पोस्ट में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सरकार के दौरान बस बेड़े के विस्तार और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत किए जाने का दावा भी किया। यह राजनीतिक दल का दावा है और इसे स्वतंत्र तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। AAP विधायक कुलदीप कुमार ने भी प्रदर्शनकारी DTC कर्मचारियों से मुलाकात कर उनकी मांगों की जानकारी ली और सरकार से मामले को सुलझाने की मांग की।
दिल्ली में DTC की हड़ताल से लाखों यात्री परेशान हैं, लेकिन बीजेपी सरकार इस तरफ बिल्कुल ध्यान नहीं दे रही।ड्राइवर और कंडक्टर अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर हैं, लेकिन सरकार की ओर से उनसे बातचीत तक नहीं की जा रही।हमारी स्पष्ट मांग है—👉 DTC कर्मचारियों की जायज़ मांगों पर तुरंत… pic.twitter.com/eTntg0OfAA
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) September 17, 2026
Delhi is struggling under double-engine BJP rule !Bus drivers are on strike, commuters are stranded, and workers are out on the streets demanding their rights.Under @ArvindKejriwal govt, Delhi’s bus fleet was expanded and public transport was strengthened. Today, bus drivers… pic.twitter.com/ZbHar7bL0Y
— AAP Punjab (@AAPPunjab) September 16, 2026
मेट्रो ने बढ़ाई सेवाएं
बस हड़ताल के कारण यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दिल्ली मेट्रो ने अपनी सेवाओं में अतिरिक्त व्यवस्था की। बुधवार को DMRC ने 20 अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप जोड़ीं और आठ अतिरिक्त ट्रेनें भी संचालित कीं, ताकि बढ़े यात्री दबाव को संभाला जा सके।
अब आगे क्या?
DTC बस हड़ताल के दूसरे दिन भी कर्मचारियों और सरकार के बीच विवाद का समाधान नहीं हो सका। एक तरफ कर्मचारी वेतन, चिकित्सा सुविधा, बोनस और अन्य सेवा लाभों की मांग पर कायम हैं, वहीं सरकार ने निजी कंसेशनयर्स के जरिए समस्या सुलझाने के प्रयास तेज किए हैं। फिलहाल 5,000 से ज्यादा बसों के प्रभावित होने और करीब 40 लाख दैनिक यात्रियों पर असर की रिपोर्ट के बीच सबसे बड़ी चुनौती राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सामान्य करना है।
Add GTC Bharat on Google