न्यूयॉर्क, अमरीका: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से विकास के बीच देशों से आपसी संवाद, सूचनाओं के आदान-प्रदान और साझा सुरक्षा नियम बनाने की अपील की है। उन्होंने चेताया कि भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा AI के क्षेत्र में गंभीर वैश्विक जोखिम पैदा कर सकती है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा से पहले पत्रकारों से बातचीत में गुटेरेस ने अमरीका और चीन के बीच बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में कहा कि भू-राजनीतिक विभाजन ऐसी स्थिति पैदा कर सकता है, जहां बड़ी शक्तियां एक-दूसरे से आगे निकलने के लिए AI के विकास को ज्यादा से ज्यादा तेजी से आगे बढ़ाने की कोशिश करें। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी प्रतिस्पर्धा “गंभीर जोखिम” पैदा कर सकती है। गुटेरेस ने कहा कि AI के क्षेत्र में सबसे अधिक क्षमता रखने वाले देशों को संपर्क, सूचना साझा करने और कुछ साझा सुरक्षा मानकों के लिए तंत्र स्थापित करना चाहिए।
#WATCH | UN Secretary-General António Guterres says, "As we look to threats around the world, let me say a final word about rising concerns regarding the advance of Artificial Intelligence. AI has enormous potential to accelerate sustainable development, enhance learning,… pic.twitter.com/ht7sV9Kua8
— ANI (@ANI) September 16, 2026
परमाणु हथियारों की होड़ से की तुलना
UN Chief ने मौजूदा स्थिति की तुलना शीत युद्ध के दौर से की। उन्होंने कहा कि अमरीका और सोवियत संघ के बीच तीखे टकराव के बावजूद परमाणु जोखिमों को लेकर दोनों पक्षों के बीच संपर्क बना रहा। उस दौरान परमाणु हथियारों में कमी और संवाद तथा सूचनाओं के आदान-प्रदान से जुड़े समझौते भी हुए। गुटेरेस ने कहा कि AI के मामले में भी ऐसे अंतरराष्ट्रीय तंत्र जरूरी हैं, ताकि देशों के बीच ऐसी प्रतिस्पर्धा न बढ़े जो भविष्य में वैश्विक स्तर पर बड़े संकट का कारण बन सकती है।
‘अंतरराष्ट्रीय सहयोग पहले से ज्यादा जरूरी’
गुटेरेस ने स्पष्ट रूप से कहा, “International cooperation is more necessary than ever.” उन्होंने AI सुरक्षा के मामले में ऐसी प्रतिस्पर्धा से बचने की जरूरत बताई, जिसमें देश सुरक्षा संबंधी चिंताओं की अनदेखी करते हुए तेजी से आगे बढ़ने की कोशिश करें। उन्होंने यह भी कहा कि AI में केवल अमरीका और चीन ही महत्वपूर्ण भूमिका नहीं रखते। जिन देशों के पास AI की अत्याधुनिक क्षमताएं हैं, उन्हें साझा सुरक्षा उपायों और संवाद की व्यवस्था विकसित करने में योगदान देना चाहिए।
AI में संभावनाएं भी, जोखिम भी
UN News के अनुसार, गुटेरेस ने स्वास्थ्य, शिक्षा और जलवायु जैसे क्षेत्रों में AI की “असीम संभावनाओं” को स्वीकार किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि दुनिया इस चिंता को नजरअंदाज नहीं कर सकती कि AI का विकास इंसानों की उसके जोखिमों को समझने की क्षमता से तेज गति से हो रहा है। उन्होंने AI सुरक्षा के मामले में “race to the bottom” से बचने की अपील की। गुटेरेस के मुताबिक, कुछ चुनिंदा देशों द्वारा AI विकास पर स्वैच्छिक रोक लगाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा, अगर दूसरे देश ऐसे कदमों का हिस्सा नहीं बनते।
“International cooperation is more necessary than ever”: UN Chief calls for dialogue, guardrails on AIRead @ANI Story |https://t.co/SA6OqR9UJy#UNChief #AntonioGuterres #AI pic.twitter.com/1yrlyYIdM8
— ANI Digital (@ani_digital) September 16, 2026
AI पर वैज्ञानिक पैनल की भूमिका
गुटेरेस ने संयुक्त राष्ट्र की ओर से स्थापित Independent International Scientific Panel on AI का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह पैनल AI से जुड़े अवसरों और जोखिमों पर उपलब्ध सर्वोत्तम वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर वैश्विक चर्चाओं में योगदान देगा। उन्होंने जोर दिया कि AI के भविष्य को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नीतियां और सुरक्षा मानक तैयार करते समय वैज्ञानिक प्रमाण और व्यापक वैश्विक सहयोग महत्वपूर्ण होंगे।
वैश्विक संस्थानों में सुधार पर भी जोर
अपने व्यापक संबोधन में गुटेरेस ने वैश्विक संस्थानों, जिसमें संयुक्त राष्ट्र भी शामिल है, में सुधार की आवश्यकता पर बात की। उन्होंने कहा कि संस्थागत ढांचे को आधुनिक बनाने का मतलब मूल सिद्धांतों को छोड़ना नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, “Updating our structures can never mean abandoning our principles – it must mean applying those principles with even greater determination.”
गुटेरेस ने दोहराया कि विश्व शांति बनाए रखने और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबद्धताएं बरकरार हैं। उनके मुताबिक बदलती वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप संस्थाओं में सुधार करते हुए इन मूल सिद्धांतों को और मजबूती से लागू करना जरूरी है।
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