कोलकाता: पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में ममता बनर्जी के गुट को बड़ा झटका लगा है। ममता गुट की प्रत्याशी संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। नामांकन वापसी की अंतिम प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब इस गुट की ओर से नंदीग्राम सीट पर कोई उम्मीदवार मैदान में नहीं रहेगा।

संचिता प्रधान डे ने कुछ दिन पहले ही ममता गुट की ओर से नंदीग्राम से नामांकन दाखिल किया था। वह स्थानीय स्तर पर सक्रिय रही हैं और पहले पंचायत चुनाव भी लड़ चुकी हैं। उनके अचानक चुनावी दौड़ से हटने के फैसले ने बंगाल की सियासत में चर्चा तेज कर दी है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, नामांकन वापस लेने से पहले संचिता प्रधान डे ने कोलकाता में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री और नंदीग्राम से जुड़े भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी। हालांकि, उनके नामांकन वापस लेने की आधिकारिक वजह सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं की गई है। इसलिए मुलाकात और नामांकन वापसी के बीच सीधा संबंध स्थापित करना अभी उचित नहीं होगा।

इस घटनाक्रम पर ममता बनर्जी ने चुनावी प्रक्रिया और चुनाव आयोग को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खराब दिन बताते हुए दावा किया कि उनकी पार्टी के साथ राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है। ममता ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट के घटनाक्रम का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि भाजपा चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है।

नंदीग्राम उपचुनाव 6 अक्टूबर को होना है और मतगणना 9 अक्टूबर को होगी।