AAP की नई National Team में पंजाब के सिर्फ 3 चेहरे, भगवंत मान-हरपाल चीमा को PAC में जगह; क्या है संदेश?

AAP National Team: अरविंद केजरीवाल के दोबारा राष्ट्रीय संयोजक चुने जाने के साथ AAP की नई टीम सामने आ गई है। पंजाब से सिर्फ तीन नेताओं को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह मिली, जबकि भगवंत मान और हरपाल चीमा PAC में शामिल हैं।

By  Laxman September 11th 2026 11:05 AM

चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी ने अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया है। 15वीं राष्ट्रीय परिषद की बैठक में अरविंद केजरीवाल को एक बार फिर पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक चुना गया। इसके साथ ही 23 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी और 11 सदस्यीय पॉलिटिकल अफेयर्स कमिटी (PAC) का नया ढांचा भी सामने आया है। खास बात यह है कि पंजाब में सरकार चला रही AAP की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में राज्य से केवल तीन नेताओं को जगह मिली है।

इनमें मुख्यमंत्री भगवंत मान, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और मुख्यमंत्री के OSD राजबीर सिंह घुमन शामिल हैं। मान और चीमा को पार्टी की सबसे महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाली संस्था PAC में भी जगह मिली है। वहीं, पंजाब AAP के प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ मंत्री अमन अरोड़ा को राष्ट्रीय कार्यकारिणी और PAC दोनों से बाहर रखा गया है। इसी फैसले ने पंजाब की राजनीति में नई चर्चा को जन्म दिया है।

पंजाब से तीन नाम, लेकिन संदेश बड़ा

AAP के लिए पंजाब इस समय बेहद अहम है, क्योंकि दिल्ली में फरवरी 2025 के विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के बाद पार्टी की सरकार अब सिर्फ पंजाब में है। ऐसे में यह उम्मीद स्वाभाविक थी कि राष्ट्रीय संगठन में पंजाब को अपेक्षाकृत ज्यादा प्रतिनिधित्व मिलेगा।

लेकिन नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में राज्य से तीन ही नाम शामिल किए गए हैं। इनमें सबसे प्रमुख भगवंत मान हैं। मुख्यमंत्री के साथ-साथ वह पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से बाहर AAP के सबसे बड़े राजनीतिक चेहरों में भी गिने जाते हैं।

हरपाल चीमा को PAC में जगह मिलना भी महत्वपूर्ण है। वह पंजाब सरकार में वित्त मंत्री हैं और विधानसभा में सरकार के प्रमुख राजनीतिक बचावकर्ताओं में शामिल रहे हैं।

राजबीर घुमन की एंट्री ने खींचा ध्यान

नई टीम में सबसे ज्यादा चर्चा राजबीर सिंह घुमन को लेकर हो रही है। वह न तो मंत्री हैं और न ही निर्वाचित प्रतिनिधि। इसके बावजूद उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह मिली है।

उनकी राजनीतिक अहमियत को मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ उनकी नजदीकी और संगठनात्मक कामकाज में भूमिका से जोड़कर देखा जा रहा है। इस नियुक्ति को पंजाब में मान के बढ़ते प्रभाव के संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है।

हालांकि घुमन का नाम हाल के दिनों में एक कारोबारी सहयोगी से जुड़े ED मामले को लेकर भी चर्चा में रहा है। घुमन ने अपने संबंधों का बचाव करते हुए जांच को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया था। हालांकि किसी भी जांच में लगे आरोपों का अंतिम निष्कर्ष संबंधित कानूनी प्रक्रिया से ही तय होगा।

अमन अरोड़ा को दोनों अहम पैनल से बाहर रखा

पंजाब AAP के अध्यक्ष अमन अरोड़ा को नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी और PAC दोनों में जगह नहीं मिली है। इस फैसले ने पार्टी के भीतर शक्ति संतुलन को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

हालांकि AAP के एक नेता ने इसे ज्यादा महत्व नहीं देने की बात कही। उनका तर्क था कि पार्टी में अलग-अलग नेताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी जाती हैं और हर पद के लिए किसी व्यक्ति का किसी खास पैनल में शामिल होना जरूरी नहीं है।

अमन अरोड़ा की ओर से इस फैसले पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

हरपाल चीमा को मिला नेतृत्व का भरोसा?

हरपाल चीमा को PAC में जगह ऐसे समय मिली है जब पंजाब की राजनीति में उनके खिलाफ विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। उनके विधानसभा क्षेत्र दिरबा से जुड़े गुलजार सिंह की मौत के मामले को लेकर विपक्ष ने उन्हें निशाना बनाया है। इस मामले में गिरफ्तारियां भी हुई हैं, जबकि घटनाक्रम की जांच और आरोपों पर कानूनी प्रक्रिया जारी है।

चीमा ने राष्ट्रीय टीम में जगह मिलने पर पार्टी नेतृत्व का आभार जताया और कहा कि वह एक वफादार कार्यकर्ता की तरह पार्टी के लिए मेहनत करेंगे। उनकी नई जिम्मेदारी को पार्टी नेतृत्व के भरोसे के तौर पर देखा जा रहा है।

विपक्ष ने बताया Power Struggle का संकेत

AAP की नई टीम को लेकर विपक्ष ने भी निशाना साधा है। शिरोमणि अकाली दल के प्रवक्ता परमबंस सिंह रोमाना ने राजबीर घुमन की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए इसे भगवंत मान के करीबियों के बढ़ते प्रभाव से जोड़ा।

वहीं पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने दावा किया कि AAP में दो अलग-अलग शक्ति केंद्र उभरते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने अमन अरोड़ा को दोनों प्रमुख राष्ट्रीय निकायों से बाहर रखे जाने और मुख्यमंत्री के OSD को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल किए जाने को इसी संदर्भ में देखने की बात कही।

हालांकि ये विपक्षी नेताओं के राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें पार्टी के भीतर वास्तविक शक्ति संघर्ष का स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।

केजरीवाल फिर राष्ट्रीय संयोजक

नई टीम में सबसे महत्वपूर्ण फैसला अरविंद केजरीवाल को फिर से राष्ट्रीय संयोजक चुना जाना है। पार्टी गठन के समय से ही वह इस पद पर रहे हैं। नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में उनके करीबी सहयोगी विभव कुमार समेत आतिशी, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, गोपाल राय, दुर्गेश पाठक और कई अन्य नेताओं को जगह मिली है।

पांच विशेष आमंत्रित सदस्यों में अजय दत्त, चैतर वसावा, इमरान हुसैन, मेहराज मलिक और वेंज़ी विएगास शामिल हैं।

AAP के प्रवक्ता मलविंदर सिंह कांग ने नियुक्तियों को अनुभव और योग्यता पर आधारित बताया। उनके मुताबिक नई टीम में पार्टी के अलग-अलग हिस्सों का प्रतिनिधित्व है और इसका उद्देश्य संगठन को मजबूत करना है।

कुल मिलाकर, नई राष्ट्रीय टीम में पंजाब से सीमित प्रतिनिधित्व के बावजूद भगवंत मान और हरपाल चीमा को PAC में जगह मिलना महत्वपूर्ण है। वहीं राजबीर घुमन की एंट्री और अमन अरोड़ा की गैरमौजूदगी ने पंजाब AAP के भीतर संगठनात्मक प्राथमिकताओं और नेतृत्व के समीकरणों पर चर्चा जरूर तेज कर दी है।

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