अमृतसर में केंद्रीय विश्वविद्यालय की मांग तेज, तरुण चुग ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से की मुलाकात
अमृतसर में केंद्रीय विश्वविद्यालय स्थापित करने की मांग को लेकर राज्यसभा सांसद तरुण चुग ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात की। अमृतसर विकास मंच ने भी 450वें स्थापना दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग को लेकर केंद्र को मांग-पत्र सौंपा है।
अमृतसर: गुरु नगरी अमृतसर में केंद्रीय विश्वविद्यालय स्थापित करने की मांग एक बार फिर सामने आई है। राज्यसभा सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी तरुण चुग ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात कर अमृतसर में केंद्रीय विश्वविद्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। इस दौरान अमृतसर विकास मंच की ओर से भी शिक्षा मंत्री को एक मांग-पत्र सौंपा गया।
मांग को अमृतसर के 450वें स्थापना दिवस से जोड़ते हुए मंच ने केंद्र सरकार से शहर की ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक पहचान को देखते हुए विश्वविद्यालय स्थापित करने पर प्राथमिकता से विचार करने का आग्रह किया है।
हालांकि, फिलहाल यह एक मांग और प्रस्ताव के स्तर पर है। केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर केंद्र सरकार की ओर से किसी अंतिम मंजूरी की घोषणा नहीं की गई है।
अमृतसर में केंद्रीय विश्वविद्यालय की क्यों उठी मांग?
तरुण चुग के मुताबिक, अमृतसर पंजाब के सबसे महत्वपूर्ण शहरों में शामिल है। शहर की पहचान धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन के साथ-साथ शिक्षा, व्यापार और सीमावर्ती क्षेत्र के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में भी है।
अमृतसर में श्री हरमंदिर साहिब, जलियांवाला बाग, दुर्गियाना मंदिर, भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल और अटारी-वाघा सीमा जैसे प्रमुख स्थल मौजूद हैं। यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु पहुंचते हैं।
इसके अलावा अमृतसर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, रेल नेटवर्क और सड़क संपर्क जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। मांग रखने वालों का तर्क है कि इन सुविधाओं और शहर की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यहां केंद्रीय स्तर के उच्च शिक्षा संस्थान की स्थापना से पूरे क्षेत्र को लाभ मिल सकता है।
माझा क्षेत्र के छात्रों को मिल सकता है फायदा
केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना के पक्ष में दिए जा रहे तर्कों में सबसे प्रमुख उच्च शिक्षा तक बेहतर पहुंच का है। प्रस्ताव के समर्थकों का कहना है कि अमृतसर में ऐसा संस्थान स्थापित होने से अमृतसर के साथ-साथ पूरे माझा क्षेत्र के विद्यार्थियों को लाभ मिल सकता है।
विश्वविद्यालय में आधुनिक पाठ्यक्रम, शोध सुविधाएं और उच्च शिक्षा के विभिन्न अवसर विकसित किए जा सकते हैं। इससे उन विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर बेहतर विकल्प मिलने की संभावना होगी, जिन्हें उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है।
तरुण चुग ने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय से युवाओं के लिए शिक्षा और शोध के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। उनका कहना है कि इससे अमृतसर को एक प्रमुख शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिल सकती है।
पंजाब की विरासत पर रिसर्च का केंद्र बनाने का सुझाव
मांग रखने वालों ने विश्वविद्यालय को केवल सामान्य उच्च शिक्षा संस्थान के तौर पर विकसित करने के बजाय पंजाब और सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़े विषयों पर शोध का केंद्र बनाने की संभावना भी जताई है।
प्रस्ताव के मुताबिक, विश्वविद्यालय में पंजाब की विरासत, इतिहास, संस्कृति, सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़े विषयों और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में अध्ययन और शोध को बढ़ावा दिया जा सकता है।
अमृतसर की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए भारत-पाकिस्तान सीमा, सीमा क्षेत्र का सामाजिक-आर्थिक विकास, विभाजन का इतिहास और पंजाब की सांस्कृतिक विरासत जैसे विषय उच्च शिक्षा और शोध के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र हो सकते हैं।
450वें स्थापना दिवस से जोड़ी गई मांग
अमृतसर के 450वें स्थापना दिवस के अवसर पर केंद्रीय विश्वविद्यालय की मांग को विशेष महत्व देने की अपील की गई है। अमृतसर विकास मंच ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि इस ऐतिहासिक अवसर को शहर के शैक्षणिक विकास से जोड़ा जाए।
मंच का कहना है कि विश्वविद्यालय की स्थापना से शहर की पहचान केवल धार्मिक और पर्यटन केंद्र तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे उच्च शिक्षा और शोध के एक प्रमुख केंद्र के रूप में भी विकसित किया जा सकेगा।
तरुण चुग ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस प्रस्ताव पर प्राथमिकता से विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने अमृतसर के विकास और युवाओं के लिए शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने को इस पहल का प्रमुख उद्देश्य बताया।
तरुण चुग ने क्या कहा?
मुलाकात के दौरान तरुण चुग ने अमृतसर के साथ अपने जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि शहर का विकास और यहां की नई पीढ़ी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना उनके लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय अमृतसर के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शोध की सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
उनके मुताबिक, विश्वविद्यालय बनने से अमृतसर और आसपास के जिलों के छात्रों को उच्च शिक्षा के नए विकल्प मिलेंगे और क्षेत्र में अकादमिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
अब केंद्र के फैसले पर नजर
अमृतसर में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना के प्रस्ताव को लेकर अब आगे की प्रक्रिया केंद्र सरकार के निर्णय पर निर्भर करेगी। इसके लिए स्थान, बजट, संस्थान का स्वरूप, प्रशासनिक व्यवस्था और केंद्रीय विश्वविद्यालय से जुड़े वैधानिक प्रावधानों पर विचार करना होगा।
फिलहाल अमृतसर विकास मंच और तरुण चुग ने केंद्र के सामने अपनी मांग रखी है। यदि प्रस्ताव पर आगे सकारात्मक निर्णय होता है, तो अमृतसर के शिक्षा क्षेत्र में एक नई केंद्रीय संस्था स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
शहर के 450वें स्थापना दिवस के संदर्भ में उठाई गई यह मांग अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है। आने वाले समय में केंद्र सरकार की ओर से इस प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाया जाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।