कनाडा से निर्वासन के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग के करीबी करमवीर सिंह को AGTF ने पकड़ा

पंजाब पुलिस की AGTF ने कनाडा से निर्वासित करमवीर सिंह को दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग का करीबी है और अनमोल बिश्नोई को अमेरिका में कथित तौर पर लॉजिस्टिक मदद और ठिकाना देता था।

By  Preeti Kamal September 15th 2026 01:00 PM -- Updated: September 15th 2026 12:55 PM

चंडीगढ़, पंजाब: पंजाब पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के करीबी सहयोगी बताए जा रहे करमवीर सिंह को कनाडा से निर्वासन के बाद नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे (IGI) से हिरासत में लिया है। पंजाब पुलिस ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।

पंजाब पुलिस के मुताबिक, कनाडा से निर्वासित किए जाने के बाद करमवीर सिंह को दिल्ली एयरपोर्ट पर AGTF ने अपनी हिरासत में लिया। उसके खिलाफ एसएएस नगर स्थित स्टेट क्राइम पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (IPC), आर्म्स एक्ट और पासपोर्ट एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज है। पुलिस ने बताया कि करमवीर सिंह के खिलाफ 3 सितंबर 2026 को AGTF पंजाब ने लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया था।

अनमोल बिश्नोई को लॉजिस्टिक मदद देने का आरोप

पंजाब पुलिस के अनुसार, करमवीर सिंह पर अमेरिका में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े एक अन्य आरोपी अनमोल बिश्नोई को कथित तौर पर लॉजिस्टिक सहायता और ठिकाना उपलब्ध कराने का आरोप है। पुलिस ने बताया कि करमवीर सिंह का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, जबरन वसूली, आर्म्स एक्ट से जुड़े मामलों के अलावा अन्य आपराधिक गतिविधियों से संबंधित मामले दर्ज होने की बात कही गई है। पंजाब पुलिस अब उसकी कथित गतिविधियों और व्यापक आपराधिक नेटवर्क के बारे में आगे की जांच कर रही है।

पंजाब पुलिस ने कहा- सीमा पार सक्रिय नेटवर्क पर कार्रवाई जारी

पंजाब पुलिस ने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। पुलिस का कहना है कि विदेशों से संचालित होने वाले वांछित अपराधियों को कानून के दायरे में लाना उसकी प्राथमिकता है।

हरिद्वार जेल अधिकारी को भी मिली थी धमकी

इस बीच, उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में रोशनाबाद जिला जेल के वरिष्ठ अधीक्षक को भी व्हाट्सऐप के जरिए कथित तौर पर जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। धमकी देने वाले ने कथित तौर पर डराने के लिए ‘लॉरेंस ग्रुप’ का नाम लिया। हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर के अनुसार, जेल अधीक्षक को व्हाट्सऐप पर एक कॉल आई, जिसमें धमकी दी गई। इसके बाद उन्हें कई संदेश भी मिले। शिकायत के आधार पर सिडकुल थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच के लिए एसओजी की तकनीकी टीम और साइबर टीम को लगाया गया है। पुलिस अब धमकी देने वाले की पहचान और गिरफ्तारी की कोशिश कर रही है।

गैंग के नाम के इस्तेमाल की भी जांच

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, चूंकि शिकायत एक वरिष्ठ अधिकारी से जुड़ी है और धमकी में एक गैंगस्टर का नाम इस्तेमाल किया गया है, इसलिए मामले की जांच के लिए विशेष टीमों को लगाया गया है। फिलहाल यह जांच का विषय है कि धमकी वास्तव में संबंधित गिरोह से जुड़ी थी या किसी व्यक्ति ने गैंग के नाम का इस्तेमाल कर अधिकारी को डराने की कोशिश की।

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