सीएम मान और विपक्ष के नेता प्रताप बाजवा के बीच तीखी नोकझोंक, विधानसभा में गरमाया माहौल...

By  Preeti Kamal April 13th 2026 01:37 PM

पंजाब: पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान उस समय माहौल गरमा गया जब मुख्यमंत्री भगवंत मान और विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा के बीच तीखी बहस हो गई। मुख्यमंत्री द्वारा सदन में ‘जगत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक-2026’ पेश किए जाने के बाद तीनों तख्तों से जुड़े विधायकों को बोलने का मौका दिया गया।

इस दौरान प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि वे इस विधेयक का पूरा समर्थन करते हैं, लेकिन सरकार से एक मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि बेअदबी मामलों पर बनी कमेटी ने विभिन्न वर्गों से बातचीत की है, इसलिए उसकी रिपोर्ट इंदरबीर सिंह निज्जर द्वारा सदन में पेश की जानी चाहिए। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच काफी नोकझोंक देखने को मिली।

बाजवा ने सरकार को घेरा

विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने स्पष्ट किया कि कमेटी जल्द अपनी रिपोर्ट पेश करेगी और नकौदर कांड की जांच भी इसी कमेटी द्वारा की जाएगी। इस दौरान बाजवा ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान ने वादा किया था कि कुंवर विजय प्रताप सिंह की रिपोर्ट के आधार पर 48 घंटे में दोषियों को जेल भेजा जाएगा, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

स्पीकर ने सरकार की कार्रवाई का दिया जवाब

जब बाजवा ने स्पीकर के क्षेत्र का जिक्र किया तो स्पीकर ने कहा कि उनकी जानकारी सही नहीं है। उन्होंने पिछली सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उस समय सबूतों से छेड़छाड़ की गई थी, जिससे आरोपियों को जमानत मिल गई, जबकि मौजूदा सरकार ने अदालत में चालान पेश किया है। उन्होंने कहा कि यह विशेष सत्र बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाने के लिए बुलाया गया है।

बाजवा ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि उस समय पांच केस शहर से बाहर चले गए, लेकिन सरकार ने इसका विरोध नहीं किया। उन्होंने कहा कि कुंवर विजय प्रताप सिंह, जो कभी पार्टी का “पोस्टर बॉय” थे, आज पार्टी से बाहर हैं। बाजवा ने मुख्यमंत्री से कहा, “मान साहब, दिल बड़ा करके उन पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई करें जिन्होंने गलती की है।”

सीएम मान का पलटवार

इस पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तीखा जवाब देते हुए कहा कि आपके खजाना मंत्री और मुख्यमंत्री खुद पार्टी से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि किसे मंत्री बनाना है या नहीं, यह हमारा निर्णय है। सीएम ने व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा कि आपसे चार साल बाद अध्यक्ष पद भी छीन लिया गया, कम से कम आज के पवित्र अवसर पर तो संयम रखें।

इस पर बाजवा ने जवाब दिया कि जनता जवाब मांग रही है और सरकार को बताना चाहिए कि पंजाब पुलिस के कितने अधिकारियों पर केस दर्ज हुए और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई।

कानून को लेकर चेतावनी

प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि यह पांचवीं बार है जब ऐसा कानून बनाने की कोशिश हो रही है और इस बार कानूनी विशेषज्ञों से भी सलाह ली गई है। उन्होंने कहा कि वे नहीं चाहते कि इस बिल का हाल भी पहले जैसा हो, जहां कानून बनने के बावजूद कोई ठोस परिणाम नहीं निकला।

बाजवा ने कहा कि वे इस विधेयक का समर्थन करते हैं क्योंकि वे जनता के बीच रहते हैं और उनकी भावनाओं को समझते हैं। साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर सरकार इसी तरह काम करती रही तो अगले 25 साल तक सत्ता में नहीं आएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष न्याय के मुद्दे पर सरकार के साथ है, लेकिन उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता रहेगा।

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