चंडीगढ़, पंजाब: पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने गुरुवार को निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर आपत्ति जताते हुए इसके समय को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया चुनाव परिणामों को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने कहा कि पंजाब चुनाव से ठीक पहले एसआईआर प्रक्रिया शुरू किया जाना चिंता पैदा करता है और केंद्र सरकार व चुनाव आयोग पर भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया।
राजा वड़िंग ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे यह सुनिश्चित करें कि किसी भी असली मतदाता का नाम मतदाता सूची से न हटाया जाए। यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने गुरुवार को 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तीसरे चरण की घोषणा की। यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से 36 करोड़ से अधिक मतदाताओं को कवर करेगी।
Why hold SIR just ahead of Punjab elections? Bihar & Bengal elections have proved it beyond any doubt that the @BJP4India government at the Centre, with the help of @ECISVEEP, can swing the electoral outcome in its favour through the fraudulent exercise of SIR. If Punjab &…
— Amarinder Singh Raja Warring (@RajaBrar_INC) May 14, 2026
पंजाब चुनाव से ठीक पहले SIR क्यों कराया जा रहा है?
अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “पंजाब चुनाव से ठीक पहले SIR क्यों कराया जा रहा है? बिहार और बंगाल चुनावों ने यह साबित कर दिया है कि केंद्र की भाजपा सरकार, चुनाव आयोग की मदद से SIR जैसी प्रक्रिया के जरिए चुनाव परिणाम अपने पक्ष में मोड़ सकती है।” उन्होंने आगे लिखा, “अगर पंजाब और उत्तर प्रदेश में लगभग एक ही समय पर चुनाव होने हैं, तो यूपी को दूसरे चरण में बंगाल के साथ और पंजाब को तीसरे चरण में क्यों रखा गया? वहां ज्यादा समय और यहां कम समय क्यों दिया गया? पंजाबियों को इसका जवाब मिलना चाहिए। हम इसके खिलाफ लड़ेंगे।”
एक भी असली पंजाबी मतदाता का नाम न हटे
राजा वड़िंग ने सभी दलों से मतभेद भुलाकर एकजुट होने की अपील करते हुए कहा, “यह सुनिश्चित करें कि एक भी असली पंजाबी मतदाता का नाम न हटे। बिहार और बंगाल में जो हुआ, उसे पंजाब में दोहराने न दें।” निर्वाचन आयोग की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, यह प्रक्रिया जनगणना के हाउस लिस्टिंग चरण के साथ समन्वय में की जाएगी ताकि फील्ड मशीनरी का बेहतर उपयोग हो सके।
मौसम के मद्देनज़र SIR का कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा
आयोग ने कहा कि तीसरे चरण में पूरे देश को शामिल किया जाएगा, हालांकि हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा। प्रेस नोट में कहा गया है, “इन तीन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में जनगणना के दूसरे चरण की समाप्ति और ऊंचाई वाले तथा बर्फबारी वाले क्षेत्रों के मौसम को ध्यान में रखते हुए SIR का कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा।”
अंतिम मतदाता सूची 1 अक्टूबर 2026 को जारी की जाएगी
तेलंगाना और पंजाब के लिए 1 अक्टूबर 2026 को पात्रता तिथि तय की गई है। तैयारी चरण 15 जून 2026 से 24 जून 2026 तक चलेगा, जबकि बीएलओ का घर-घर दौरा 25 जून से 24 जुलाई 2026 तक होगा। मतदाता सूची का प्रारूप 31 जुलाई 2026 को प्रकाशित किया जाएगा और दावे व आपत्तियां 31 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक स्वीकार की जाएंगी। अंतिम मतदाता सूची 1 अक्टूबर 2026 को जारी की जाएगी।