कोलकाता, पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार को घोषणा की कि 18 मई से राज्य के सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य किया जाएगा। मीडिया को संबोधित करते हुए सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि निजी स्कूलों से भी इस पर अमल करने की अपील की गई है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना आज जारी की जाएगी।

उन्होंने कहा, “सोमवार से सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में वंदे मातरम् अनिवार्य होगा। निजी स्कूलों से भी इसे शामिल करने की अपील की गई है। इस संबंध में आज औपचारिक नोटिस जारी किया जाएगा।”

रथींद्र बोस को बताया समर्पित पार्टी कार्यकर्ता

एक अन्य घटनाक्रम में सुवेंदु अधिकारी ने भाजपा विधायक रथींद्र बोस को पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए नामित किए जाने पर भी बयान दिया और परंपरा के अनुसार सर्वसम्मति बनाए रखने की अपील की। मुख्यमंत्री ने रथींद्र बोस को “समर्पित पार्टी कार्यकर्ता” बताते हुए कहा कि वह पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और उनके पास प्रशासनिक समझ के साथ संगठनात्मक अनुभव भी है।

सुवेंदु अधिकारी ने कहा, “उन्होंने कभी विधायक, मंत्री या स्पीकर जैसे किसी पद के लिए आवेदन नहीं किया। पार्टी ने उनकी निष्ठा को पहचाना है। वह चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और इस जिम्मेदारी को संभालने की पूरी क्षमता रखते हैं। हम उनके नेतृत्व के लिए सभी पक्षों से सहयोग चाहते हैं।” उन्होंने विपक्ष से भी विधानसभा अध्यक्ष चुनाव को निर्विरोध कराने की अपील की।

स्पीकर का चुनाव परंपरागत रूप से सर्वसम्मति से होता है

मुख्यमंत्री ने कहा, “पश्चिम बंगाल में स्पीकर का चुनाव परंपरागत रूप से सर्वसम्मति से होता आया है। मुझे उम्मीद है कि विपक्ष इस परंपरा को आगे बढ़ाएगा।” उन्होंने जानकारी दी कि विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव शुक्रवार सुबह 11 बजे होगा। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कूचबिहार दक्षिण विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले रथींद्र बोस ने हालिया चुनाव में तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार को 23 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हराया था।

2026 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीटें जीतीं। इससे पहले पार्टी के पास 77 सीटें थीं। वहीं पिछली बार 212 सीटें जीतने वाली तृणमूल कांग्रेस इस बार 80 सीटों पर सिमट गई। चुनाव में जीत के बाद सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।