कोलकाता, पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी गुरुवार को वकीलों का चोगा पहनकर कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचीं। वह 2026 विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद राज्य में कथित चुनाव बाद हिंसा से जुड़े जनहित याचिका (PIL) मामले में मुख्य न्यायाधीश एचसी सुजॉय पाल की पीठ के सामने पेश हुईं।
ममता बनर्जी ने अदालत में “लोगों को तत्काल सुरक्षा” देने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि “पुलिस के सामने गुंडागर्दी, आगजनी और हिंसा की जा रही है।” उन्होंने आगे कहा, “बच्चों को नहीं छोड़ा जा रहा, अल्पसंख्यकों को नहीं छोड़ा जा रहा, महिलाओं को नहीं छोड़ा जा रहा… हमारे 10 कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई है।”
चुनाव परिणामों के बाद कई इलाकों में हिंसा का आरोप
यह याचिका अधिवक्ता सिर्सन्या बनर्जी ने दायर की थी, जो तृणमूल कांग्रेस नेता और वरिष्ठ वकील कल्याण बनर्जी के पुत्र हैं। वह उत्तरपाड़ा विधानसभा सीट से टीएमसी उम्मीदवार भी थे। याचिका में आरोप लगाया गया कि चुनाव परिणामों के बाद कई इलाकों में हिंसा, पार्टी कार्यालयों पर हमले और कार्यकर्ताओं के विस्थापन की घटनाएं हुईं।
#WATCH | Kolkata | Former West Bengal Chief Minister and TMC chief Mamata Banerjee, wearing a lawyer's court, arrives at the Calcutta High Court to appear before Chief Justice HC Sujoy Pal, in connection with the post-poll violence PIL case. She is expected to raise questions on… pic.twitter.com/8u9bTwrZfI
— ANI (@ANI) May 14, 2026
ममता बनर्जी ने कोर्ट के समक्ष रखा अपना पक्ष
ममता बनर्जी ने अदालत के सामने पार्टी का पक्ष रखा। वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी भी अदालत में मौजूद रहे। कल्याण बनर्जी ने अदालत से कहा, “कई टीएमसी पार्टी कार्यालयों को जला दिया गया।” उन्होंने कहा, “2021 के चुनाव बाद हिंसा मामले को देखिए, उस समय मुख्य न्यायाधीश ने पांच न्यायाधीशों की पीठ गठित की थी। आज की घटनाएं उससे भी ज्यादा गंभीर हैं।”
आगजनी, तोड़फोड़ और कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट का आरोप
ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा की कथित घटनाओं को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिका में दावा किया गया है कि विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद राज्य के कई हिस्सों में आगजनी, तोड़फोड़ और टीएमसी कार्यकर्ताओं व पार्टी कार्यालयों पर हमले हुए। याचिका में प्रभावित कार्यकर्ताओं की सुरक्षा और हिंसा की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है।
चुनाव परिणाम के बाद हुईं हत्याओं की जांच की मांग हो
कोलकाता, हावड़ा और कई जिला शहरों से हिंसा और तोड़फोड़ की खबरें सामने आई हैं। भाजपा और टीएमसी दोनों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। टीएमसी नेताओं का दावा है कि चुनाव परिणामों के बाद कई पार्टी कार्यकर्ताओं की हत्या हुई और उन्होंने अदालत की निगरानी में जांच की मांग की है। टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा, “ममता बनर्जी हमेशा लोगों और कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी रहती हैं। आज वह लोगों के लिए एक वकील की भूमिका में लड़ रही हैं।”
चुनाव में 270 सीटे बीजेपी और 80 सीटे टीएमसी ने जीतीं
वहीं, ममता बनर्जी के अदालत पहुंचने पर भाजपा विधायक सजल घोष ने कहा, “वह जा सकती हैं। वहां जाना उनका अधिकार है… अब उनके पास क्या काम है?” 2026 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया, जबकि 15 वर्षों से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस केवल 80 सीटों पर सिमट गई।