नई दिल्ली: रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने सरकारी खर्चों में कटौती और संसाधनों के बेहतर उपयोग को ध्यान में रखते हुए बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। सरकार ने घोषणा की है कि अब दिल्ली के सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम (WFH) की सुविधा दी जाएगी।
यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार सरकारी खर्चों में मितव्ययिता (Austerity) अपनाने और संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल पर जोर दे रहे हैं। माना जा रहा है कि दिल्ली सरकार का यह कदम उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। सरकार के मुताबिक, हाइब्रिड वर्क मॉडल लागू होने से बिजली, पानी, ईंधन और ऑफिस संचालन से जुड़े कई खर्चों में कमी आएगी। साथ ही ट्रैफिक दबाव और प्रदूषण कम करने में भी मदद मिल सकती है।
#WATCH | Delhi: CM Rekha Gupta says, "... We are acting at two levels, government and private. In Delhi government, there will be 2 days of work‑from‑home each week. The same advisory will go to private companies and institutions. The Labour Department will monitor this. For… pic.twitter.com/oKjeLUt2R7
— ANI (@ANI) May 14, 2026
यह व्यवस्था कुछ विभागों में लागू होगी
सूत्रों के अनुसार, शुरुआती चरण में यह व्यवस्था कुछ विभागों में लागू की जाएगी। बाद में इसके प्रभाव और कामकाज की समीक्षा कर अन्य विभागों में भी विस्तार किया जा सकता है। हालांकि, जरूरी सेवाओं और फील्ड ड्यूटी से जुड़े कर्मचारियों पर यह नियम लागू नहीं होगा। दिल्ली सरकार का कहना है कि डिजिटल प्रशासन और ई-ऑफिस सिस्टम को मजबूत बनाकर कर्मचारियों की उत्पादकता पर असर नहीं पड़ने दिया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह मॉडल सफल रहता है तो आने वाले समय में अन्य राज्य सरकारें भी इसी तरह के हाइब्रिड वर्क सिस्टम को अपनाने पर विचार कर सकती हैं।
#WATCH | Delhi: At a press conference, CM Rekha Gupta says, "... Our departments have already cut down on fuel expenses with only the minimum vehicles needed being used, and public transport is being used wherever possible. Officials’ petrol limits of 200–250 litres per month… pic.twitter.com/3EMFuzrh6D
— ANI (@ANI) May 14, 2026