Punjab Assembly Session: वोट चोरी के खिलाफ प्रस्ताव लाने वाला देश का पहला राज्य बना पंजाब, सीएम भगवंत मान ने बीजेपी पर साधा निशाना

पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में नशे के कारोबार और कानून-व्यवस्था को लेकर आप और कांग्रेस के बीच तीखा टकराव हुआ। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग की और विरोध में सदन से वॉकआउट किया।

By  Preeti Kamal October 23rd 2026 12:16 PM

Oct 23, 2026 02:02 PM

वोट चोरी के खिलाफ प्रस्ताव लाने वाला देश का पहला राज्य बना पंजाब, सीएम भगवंत मान ने बीजेपी पर साधा निशाना

पंजाब विधानसभा में वोट चोरी के खिलाफ प्रस्ताव लाया गया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस प्रस्ताव के समर्थन में बोलते हुए कहा कि पहले जनता सरकार चुनती थी, लेकिन अब भाजपा सरकार मतदाताओं को चुनने लगी है। यह बेहद चिंता का विषय है। मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए पंजाब से उठाई गई आवाज के लिए सभी का धन्यवाद किया।

Oct 23, 2026 12:49 PM

पंजाब विधानसभा में सुखपाल सिंह खैरा निलंबित, हरपाल सिंह चीमा के प्रस्ताव के बाद हुई कार्रवाई

चंडीगढ़: पंजाब के मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने विधानसभा में कथित तौर पर आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल और सदन की कार्यवाही में बाधा डालने के आरोप में कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया। इसके बाद सुखपाल सिंह खैरा को पंजाब विधानसभा के मौजूदा सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया।

Oct 23, 2026 12:40 PM

2027 में पंजाब में किसकी बनेगी सरकार? अमित शाह के बयान पर भगवंत मान का पलटवार

चंडीगढ़: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस बयान पर कि 2027 में पंजाब में आम आदमी पार्टी की सत्ता में वापसी नहीं होगी, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “सिर्फ अमित शाह के कहने से ऐसा नहीं होगा, बल्कि जनता जो कहेगी, उसके आधार पर होगा।”

Oct 23, 2026 12:29 PM

हरपाल सिंह चीमा का कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा पर हमला, नशे को लेकर लगाए गंभीर आरोप

चंडीगढ़: राज्य विधानसभा में हुए हंगामे पर पंजाब के मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “1980 से 1995 के बीच पंजाब ने एक काला दौर देखा, जब कांग्रेस पार्टी के लोगों ने हत्याएं कीं। उस दौरान कई हिंदुओं और सिखों की भी हत्या हुई। कांग्रेस पार्टी पंजाब के युवाओं की हत्यारी है। उन्होंने हमारे बच्चों को मार डाला। आज वे कौन-सा मुद्दा उठा रहे हैं?

इन लोगों ने वादा किया था कि वे चार सप्ताह के भीतर नशे की समस्या को खत्म कर देंगे। दुर्भाग्य से, न तो कैप्टन साहब और न ही दूसरे मुख्यमंत्री ने साढ़े चार साल तक कुछ किया। इसके बजाय, उन्होंने पंजाब को बर्बाद कर दिया।

यह वही समूह है, जिसने पंजाब में नशे की समस्या को फैलाया। जब परगट सिंह अकाली दल में थे, जिसे पंजाब में ‘चिट्टा’ लाने वाली पार्टी के रूप में जाना जाता है... अकाली दल और भाजपा वे पार्टियां हैं, जिन्होंने पंजाब में नशे की शुरुआत की। आज वे युवाओं की लाशों पर राजनीति कर रहे हैं।”

पंजाब: पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दूसरे दिन शुक्रवार को नशे के कारोबार और राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस के बीच तीखा टकराव देखने को मिला। कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग करते हुए सदन में नारेबाजी की और विरोध स्वरूप वॉकआउट कर दिया। विपक्ष ने राज्य में नशे की समस्या पर सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए, जबकि वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस पर पलटवार किया।

‘लेटर ऑफ शेम’ लेकर सदन के वेल में पहुंचे कांग्रेस विधायक

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायकों ने प्रश्नकाल के दौरान नारेबाजी शुरू कर दी। विधायक नशे के कारोबार और बिगड़ती कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री से जवाब मांग रहे थे। इस दौरान कांग्रेस विधायक सरकार के खिलाफ एक निंदा पत्र, जिसे ‘लेटर ऑफ शेम’ कहा गया, लेकर सदन के वेल में पहुंच गए।

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के नेतृत्व में सत्तापक्ष के विधायकों ने भी नारेबाजी की। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने कांग्रेस का निंदा पत्र स्वीकार नहीं किया, जिसके बाद विपक्षी विधायकों ने अपना विरोध जारी रखा। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने कहा कि यदि विधानसभा अध्यक्ष उनका निंदा पत्र स्वीकार कर लेते हैं, तो कांग्रेस विधायक अपना विरोध समाप्त कर देंगे।

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