पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र: बेअदबी के दोषियों पर कोई रहम नहीं... उम्रकैद और भारी जुर्माने की तैयारी!
पंजाब: पंजाब विधानसभा का स्पेशल सेशन शुरू हो गया है, जिसमें धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी करने वालों के खिलाफ सख्त कानून बनाने के लिए एक बिल पास किया जाएगा। विधानसभा के स्पेशल सेशन की कार्यवाही शुरू होते ही सबसे पहले दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी गई। सदन ने पूर्व मंत्री लाल सिंह, मथुरा और कांगड़ा में अलग-अलग हादसों में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं को श्रद्धांजलि दी। इसके साथ ही सदन ने मशहूर सिंगर आशा भोसले और जलियांवाला बाग के शहीदों को भी भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी गई है। कुछ देर बाद कार्यवाही फिर से शुरू होगी। इस बिल का नाम 'जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (अमेंडमेंट) बिल-2026' रखा गया है। बिल पास होने के बाद इसे गवर्नर के पास भेजा जाएगा। कानून बनने के बाद बेअदबी के दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को अधिकतम उम्रकैद और 25 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान होगा।
पंजाब में लंबे समय से बेअदबी की घटनाएं हो रही थीं
गौरतलब है कि पंजाब में लंबे समय से बेअदबी की घटनाएं हो रही थीं। इन पर रोक लगाने के लिए सरकार ने पिछले साल अप्रैल में 'पंजाब प्रिवेंशन ऑफ ऑफेंसेज अगेंस्ट होली स्क्रिप्चर्स बिल 2025' पेश किया था, जिसमें सभी बड़े धर्मों के धर्मग्रंथ शामिल थे और सज़ा 10 साल से लेकर उम्रकैद तक तय की गई थी। बाद में इसे सेलेक्ट कमिटी के पास भेज दिया गया था।
बेअदबी के खिलाफ कानून को सख्त करने की तैयारी
पंजाब में लंबे समय से बेअदबी की घटनाएं हो रही थीं। इन पर सख्त कार्रवाई करने के लिए सरकार ने पिछले साल अप्रैल में 'पंजाब प्रिवेंशन ऑफ ऑफेंसेज अगेंस्ट होली स्क्रिप्चर्स बिल 2025' पेश किया था। इस बिल में सभी बड़े धर्मों के धर्मग्रंथ शामिल थे और सज़ा 10 साल से लेकर उम्रकैद तक तय की गई थी, जिसे बाद में सेलेक्ट कमिटी के पास भेज दिया गया था।
अब 11 अप्रैल को हुई कैबिनेट मीटिंग के बाद फाइनेंस मिनिस्टर हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि 'जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट-2008' में बदलाव का प्रस्ताव लाया गया है। इस नए प्रस्ताव में पहले से ज़्यादा कड़े नियम और सज़ाएँ शामिल की गई हैं।