Punjab BJP Plan: 4 यात्राएं, 4000 KM का सफर और 117 सीटों पर फोकस, 18 सितंबर से AAP के खिलाफ सियासी अभियान

Punjab BJP Plan: 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी पंजाब में चार ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ निकालेगी। करीब 4,000 KM के इस अभियान में ड्रग्स, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था को मुद्दा बनाया जाएगा। यात्राओं के बाद जालंधर में अमित शाह की जनसभा होगी।

By  Laxman September 11th 2026 08:30 PM -- Updated: September 11th 2026 07:04 PM

Punjab News: पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी के बीच भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में अपना चुनावी अभियान तेज करने की रणनीति तैयार की है। पार्टी सभी 117 विधानसभा सीटों तक पहुंच बनाने के लिए चार अलग-अलग ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ निकालेगी। इन यात्राओं के जरिए बीजेपी राज्य के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचने के साथ ड्रग्स, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को चुनावी बहस के केंद्र में लाने की कोशिश करेगी।

चारों यात्राओं का आगाज 18 से 21 सितंबर के बीच होगा और इनके जरिए करीब 4,000 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी। अभियान के समापन के बाद 30 सितंबर को जालंधर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जनसभा प्रस्तावित है। इस कार्यक्रम को बीजेपी के बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है।

18 सितंबर को पहली यात्रा का आगाज

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 18 सितंबर को पठानकोट जिले के माधोपुर सुजानपुर स्थित एकता स्थल से पहली यात्रा को रवाना करेंगे। यह स्थान भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के स्मारक के पास स्थित है।

पार्टी की योजना सिर्फ एक इलाके तक सीमित रहने की नहीं है। चारों यात्राओं को इस तरह तैयार किया गया है कि पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों को अभियान से जोड़ा जा सके। बीजेपी का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और लोगों के बीच अपने मुद्दों को लेकर सीधा संवाद स्थापित करना है।

ड्रग्स के साथ भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था भी मुद्दा

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के मुताबिक, यात्राओं का फोकस सिर्फ नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान तक सीमित नहीं रहेगा। पार्टी पंजाब की तीन प्रमुख समस्याओं—ड्रग्स, भ्रष्टाचार और बिगड़ती कानून-व्यवस्था—को प्रमुखता से उठाएगी।

बीजेपी का आरोप है कि भ्रष्टाचार और प्रशासनिक समस्याएं निचले स्तर से लेकर सत्ता के शीर्ष तक फैली हुई हैं। पार्टी इन मुद्दों के जरिए आम आदमी पार्टी सरकार को घेरने की तैयारी में है।

ढिल्लों ने भगवंत मान सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जो लोग ड्रग्स के खिलाफ सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हैं, उन्हें परेशान किया जा रहा है। उनका कहना है कि लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना नागरिकों का अधिकार है और आलोचना का जवाब कार्रवाई के बजाय जवाबदेही के साथ दिया जाना चाहिए।

हालांकि, सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई पक्ष इस उपलब्ध सामग्री में शामिल नहीं है। इसलिए बीजेपी के आरोपों को पार्टी के राजनीतिक दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

पंजाब की युवा पीढ़ी को लेकर बीजेपी का फोकस

बीजेपी ने नशे की समस्या को पंजाब की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ते हुए इसे गंभीर चुनौती बताया है। पार्टी का कहना है कि नशे की वजह से परिवारों पर सबसे अधिक असर पड़ रहा है और युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

यात्राओं के जरिए बीजेपी नशामुक्ति और युवाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देने की कोशिश करेगी। पार्टी का तर्क है कि पंजाब के युवाओं की पहचान सेना, खेल और देशसेवा से रही है, लेकिन नशे की समस्या इस तस्वीर को बदल रही है।

यानी बीजेपी का यह अभियान सिर्फ राजनीतिक रैलियों तक सीमित रखने के बजाय सामाजिक मुद्दे के रूप में भी पेश करने की कोशिश की जा रही है।

पहली यात्रा का रूट काफी लंबा

18 सितंबर से शुरू होने वाली पहली यात्रा सुजानपुर से आगे बढ़ेगी। इसका रास्ता पठानकोट, भोआ, दीनानगर, गुरदासपुर, कादियां, श्री हरगोबिंदपुर, बटाला, फतेहगढ़ चूड़ियां और डेरा बाबा नानक से होकर अजनाला, राजा सांसी, अटारी और अमृतसर तक जाएगा।

इसके बाद यात्रा मजीठा, जंडियाला, बाबा बकाला, तरनतारन, खडूर साहिब, खेमकरण और पट्टी होते हुए फिरोजपुर क्षेत्र में पहुंचेगी। फिर गुरु हर सहाय, फिरोजपुर ग्रामीण, जीरा, सुल्तानपुर लोधी, भोलाथ, कपूरथला, नकोदर और शाहकोट से होते हुए जालंधर कैंट में इसका समापन होगा।

इस रूट के जरिए बीजेपी पंजाब के माझा, दोआबा और मालवा क्षेत्रों के बड़े हिस्से को अभियान से जोड़ने की कोशिश करेगी।

दूसरी यात्रा में दोआबा और मालवा के कई क्षेत्र

19 सितंबर को दूसरी यात्रा गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब से शुरू होगी। यह समराला, पायल, खन्ना, अमलोह, फतेहगढ़ साहिब और बस्सी पठाना से आगे बढ़ते हुए डेराबस्सी, मोहाली, खरड़ और चमकौर साहिब पहुंचेगी।

इसके बाद रोपड़, आनंदपुर साहिब, गढ़शंकर, चब्बेवाल और होशियारपुर के रास्ते शाम चौरासी, दसूया, मुकेरियां, उर्मर और आदमपुर को कवर किया जाएगा। यात्रा बलाचौर, नवांशहर, बंगा और फगवाड़ा से होते हुए जालंधर में समाप्त होगी।

तीसरी यात्रा मालवा क्षेत्र पर केंद्रित

20 सितंबर को तीसरी यात्रा फाजिल्का के सादीकी बॉर्डर स्थित आसफवाला 1971 युद्ध स्मारक से शुरू होगी। इसका रूट फाजिल्का, बल्लुआना और अबोहर से होते हुए जलालाबाद और श्री मुक्तसर साहिब तक जाएगा।

इसके बाद यात्रा मलोट, गिद्दड़बाहा, जैतो, कोटकपूरा, फरीदकोट, बाघा पुराना, निहाल सिंह वाला, धर्मकोट और मोगा पहुंचेगी। आगे जगराओं, रायकोट, दाखा, मलेरकोटला, अमरगढ़, गिल और साहनेवाल से होते हुए इसका समापन लुधियाना अर्बन में होगा।

यह रूट खास तौर पर पंजाब के मालवा क्षेत्र में बीजेपी की पहुंच बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

चौथी यात्रा में बठिंडा से पटियाला तक फोकस

21 सितंबर को चौथी यात्रा तलवंडी साबो स्थित गुरुद्वारा श्री दमदमा साहिब से शुरू होगी। यात्रा मौर, रामपुरा फूल, भूच्चो मंडी, बठिंडा ग्रामीण और बठिंडा शहरी से आगे बढ़ेगी।

इसके बाद मानसा, सरदूलगढ़, बुढलाडा, भदौड़, बरनाला, महल कलां, धूरी, संगरूर, सुनाम, दिरबा और लहरा को कवर किया जाएगा। आगे शुतराना, नाभा, पटियाला ग्रामीण, पटियाला शहरी, सनौर और राजपुरा से होते हुए यात्रा जालंधर में समाप्त होगी।

इस तरह चारों यात्राओं के जरिए बीजेपी पंजाब के लगभग हर प्रमुख राजनीतिक क्षेत्र में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की योजना पर काम कर रही है।

30 सितंबर को अमित शाह की जनसभा

चारों यात्राओं के बाद 30 सितंबर को जालंधर में गृह मंत्री अमित शाह की जनसभा प्रस्तावित है। इससे बीजेपी के अभियान को राष्ट्रीय स्तर का राजनीतिक चेहरा भी मिलेगा।

पार्टी की रणनीति को देखें तो यात्राओं के जरिए स्थानीय स्तर पर संपर्क, संगठन को सक्रिय करने और सरकार के खिलाफ मुद्दों को जमीन तक पहुंचाने की कोशिश होगी, जबकि अमित शाह की जनसभा के जरिए अभियान का बड़ा समापन कार्यक्रम तैयार किया गया है।

AAP के लिए क्यों बढ़ सकती है चुनौती?

पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है और बीजेपी अब विधानसभा चुनाव से काफी पहले राज्य में अपना संगठनात्मक और राजनीतिक अभियान तेज कर रही है। चार यात्राओं का 4,000 किलोमीटर का प्रस्तावित सफर पार्टी को बड़ी संख्या में विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचने का अवसर देगा।

ड्रग्स का मुद्दा पंजाब की राजनीति में पहले से संवेदनशील रहा है। ऐसे में बीजेपी इसे भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था के साथ जोड़कर सरकार के खिलाफ व्यापक राजनीतिक नैरेटिव बनाने की कोशिश कर रही है।

हालांकि, इस अभियान का वास्तविक चुनावी असर कितना होगा, यह आने वाले महीनों में पार्टी की जमीनी सक्रियता, स्थानीय उम्मीदवारों और विपक्षी दलों की रणनीति पर निर्भर करेगा। फिलहाल बीजेपी ने साफ संकेत दिया है कि 2027 के चुनाव को लेकर वह राज्य में अपनी तैयारियां तेज करने जा रही है।

© Copyright Galactic Television & Communications Pvt. Ltd. 2026. All rights reserved.