पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन, राजा वड़िंग के बाद इन नेताओं के नाम चर्चा में
अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफे के बाद पार्टी में नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक अगले 24 से 48 घंटे में नए अध्यक्ष के नाम की घोषणा हो सकती है। विजय इंदर सिंगला, परगट सिंह और सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत कई नेताओं के नाम चर्चा में हैं।
चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के इस्तीफे के बाद अब पार्टी के सामने नए अध्यक्ष के चयन की चुनौती है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक अगले 24 से 48 घंटे में नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा हो सकती है।
राजा वड़िंग ने अप्रैल 2022 में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी की जिम्मेदारी संभाली थी। उनके कार्यकाल के दौरान संगठन के भीतर नेतृत्व और गुटबाजी को लेकर समय-समय पर चर्चा होती रही। अब विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले नेतृत्व में बदलाव की प्रक्रिया ने पंजाब कांग्रेस की राजनीति को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
किन नेताओं के नाम चर्चा में?
नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए कई वरिष्ठ नेताओं के नाम सामने आए हैं। इनमें पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला, जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा प्रमुख हैं। कुछ रिपोर्टों में अन्य नेताओं के नाम भी संभावित विकल्पों के तौर पर बताए गए हैं।
विजय इंदर सिंगला का नाम फिलहाल पार्टी के भीतर प्रमुख दावेदार के तौर पर सामने आया है। हालांकि, कांग्रेस की ओर से नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की औपचारिक घोषणा होने तक इसे अंतिम निर्णय नहीं माना जा सकता।
परगट सिंह भी चर्चा में हैं। पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान और पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के रूप में उनकी संगठनात्मक भूमिका को लेकर पार्टी में चर्चा होती रही है। वहीं सुखजिंदर सिंह रंधावा का नाम भी संभावित विकल्पों में शामिल है।
संगठन में बदलाव के पीछे क्या वजह?
राजा वड़िंग के स्थान पर नए अध्यक्ष की तलाश ऐसे समय हो रही है जब पंजाब कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी कर रही है। रिपोर्टों के मुताबिक पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट ने हाल में पार्टी के नेताओं और पदाधिकारियों से बातचीत कर संगठन की स्थिति पर फीडबैक लिया था। इसके बाद नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चा तेज हुई।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पायलट की ओर से संगठन से जुड़े फीडबैक के आधार पर हाईकमान ने नेतृत्व में बदलाव का फैसला किया। हालांकि, कांग्रेस की ओर से इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत आधिकारिक वजह सार्वजनिक रूप से नहीं बताई गई है।
SIR को लेकर वड़िंग ने उठाए थे सवाल
राजा वड़िंग के कार्यकाल के अंतिम दिनों में Special Intensive Revision यानी SIR भी पंजाब कांग्रेस के प्रमुख मुद्दों में रहा। वड़िंग ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि पंजाब में पहली बार मतदाता बनने की कोशिश कर रहे कुछ युवाओं को पुराने SIR से जुड़े पारिवारिक रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के लिए कहा गया।
उन्होंने सवाल उठाया था कि नए मतदाताओं को अपने माता-पिता या दादा-दादी के पुराने मतदाता रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी देने की जरूरत क्यों पड़ रही है। यह मामला उस व्यापक राजनीतिक विवाद का हिस्सा रहा है जिसमें विपक्षी दल चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं।
अब आगे क्या?
राजा वड़िंग के इस्तीफे के बाद अब कांग्रेस हाईकमान को पंजाब संगठन के लिए नया नेतृत्व तय करना है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक फैसला जल्द लिया जा सकता है। संभावित नामों में विजय इंदर सिंगला, परगट सिंह और सुखजिंदर सिंह रंधावा के अलावा कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं पर भी विचार किए जाने की खबरें हैं।
नए अध्यक्ष के सामने संगठन को मजबूत करने, पार्टी नेताओं के बीच समन्वय बढ़ाने और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए प्रदेश इकाई को तैयार करने जैसी जिम्मेदारियां होंगी। फिलहाल कांग्रेस की ओर से आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
राजा वड़िंग के इस्तीफे के बाद पंजाब कांग्रेस में अगला अध्यक्ष कौन होगा, इस पर तस्वीर जल्द साफ होने की उम्मीद है।