राजस्थान: पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ₹15 लाख की चांदी ठगी का खुलासा, गिरोह गिरफ्तार...
जयपुर, राजस्थान: राजस्थान पुलिस ने सुजानगढ़ में हुई फायरिंग की घटना से जुड़े संगठित अपराध पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अहम सफलता हासिल की है। यह ऑपरेशन एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) द्वारा अंजाम दिया गया।
मामले का मुख्य आरोपी कृष्णा सिंह, जो हाई-प्रोफाइल 'जेडीजे ज्वेलर्स' फायरिंग केस से जुड़ा है, को तीन साल बाद गिरफ्तार किया गया है। वह रोहित गोदारा और वीरेंद्र चारण गैंग का सक्रिय सदस्य है और उस पर रंगदारी, फायरिंग और हत्या सहित कई मामले दर्ज हैं।
लक्षम्ण सिंह को भी किया गया गिरफ्तार
इसके अलावा, एक अन्य आरोपी लक्ष्मण सिंह को भी गिरफ्तार किया गया, जिसके खिलाफ 27 मामले दर्ज हैं। वह वैशाली नगर और मकराना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। राजस्थान पुलिस ने कहा, "हम तुम्हें अंडरवर्ल्ड की गहराइयों से भी ढूंढ निकालेंगे।"
AGTF की इस कार्रवाई को संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर गैंग के नेटवर्क और अन्य आपराधिक गतिविधियों का खुलासा करने में जुटी है।
टीम का नेतृत्व प्लाटून कमांडर सोहन सिंह ने किया
एक अधिकारी के अनुसार, इस टीम का नेतृत्व प्लाटून कमांडर सोहन सिंह ने किया, जिसमें हेड कांस्टेबल महेश सोमरा, होशियार सिंह, प्रवीण कुमार, जुगन सिंह, महावीर सिंह और कांस्टेबल मोहित महला, जगदीप, जितेंद्र कुमार और सुरेंद्र कुमार का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
एक अलग मामले में, हैदराबाद की महांकाली पुलिस ने एक अंतरराज्यीय ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह मामला FIR नंबर 52/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 316(2), 318(4) और 3(5) के तहत दर्ज किया गया है।
बड़े स्तर के चांदी ठगी रैकेट में शामिल
पुलिस के अनुसार, आरोपी कई राज्यों में फैले बड़े स्तर के चांदी ठगी रैकेट में शामिल थे। शिकायतकर्ता श्री हीरालाल वर्मा, जो सिकंदराबाद के महांकाली स्ट्रीट स्थित "श्री जगदंबा इंडस्ट्रीज" के मालिक हैं, ने बताया कि 25 मार्च 2026 को शाम करीब 4:30 बजे उनका एक नियमित ग्राहक राजेश एक अन्य व्यक्ति के साथ दुकान पर आया।
वे तीन कच्ची चांदी की सिल्वर बार (3425 ग्राम, 61% शुद्धता), (3420 ग्राम, 63.75% शुद्धता) और (3316 ग्राम, 62.75% शुद्धता) लेकर आए, साथ ही एक शुद्धता जांच रिपोर्ट भी दी।
₹15 लाख का नुकसान हुआ
चूंकि राजेश पहले भी कई बार चांदी का लेन-देन कर चुका था, इसलिए भरोसे में आकर शिकायतकर्ता ने बिना जांच किए 25 छोटे सिल्वर बार (कुल 6350 ग्राम, 60% शुद्धता) उन्हें दे दिए। इसके बाद आरोपी वहां से चले गए। बाद में जांच करने पर पता चला कि दी गई सामग्री में 0% चांदी थी, जिससे लगभग ₹15 लाख का नुकसान हुआ।
इसके बाद महांकाली और मार्केट पुलिस स्टेशन में इसी तरह के दो और मामले दर्ज किए गए। कुल नुकसान क्रमशः 6.3 किलो और 6.2 किलो चांदी का बताया गया है।