राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र में आज ग्रामीण विकास, पेयजल परियोजनाओं और सड़क निर्माण को प्राथमिकता देने की घोषणा की गई। सरकार ने कहा कि प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए विशेष पैकेज तैयार किया गया है। वित्त विभाग के अनुसार ग्रामीण अवसंरचना, स्वास्थ्य केंद्रों के उन्नयन और डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर अतिरिक्त बजट आवंटित किया जाएगा।
राज्य के मरुस्थलीय इलाकों में पानी की समस्या को देखते हुए नई जल संरक्षण परियोजनाओं की भी घोषणा की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।
विपक्ष ने बजट में बेरोजगारी और महंगाई पर पर्याप्त ध्यान न देने का आरोप लगाया। विपक्षी नेताओं ने कहा कि युवाओं के लिए ठोस रोजगार योजना की आवश्यकता है।
सरकार का दावा है कि कौशल विकास कार्यक्रमों और उद्योगों को प्रोत्साहन देने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए यह बजट सत्र महत्वपूर्ण है।
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार से शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। प्रशासन का कहना है कि परियोजनाओं की निगरानी के लिए विशेष तंत्र बनाया जाएगा।