नई दिल्ली, भारत: ACCA की ताजा सर्वे रिपोर्ट के अनुसार भारत का कार्यबल नौकरी और भर्ती प्रक्रियाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को तेजी से अपना रहा है। आने वाले समय में संगठनों द्वारा ऑटोमेशन के अनुरूप भूमिकाओं को पुनर्गठित किए जाने के साथ AI का उपयोग और अधिक बढ़ने की संभावना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि AI आधारित भर्ती और कौशल विकास को लेकर भारतीय पेशेवरों का भरोसा वैश्विक औसत से अधिक है।
हालांकि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि पुराने पूर्वाग्रहों और गलतियों को दोहराने से बचने के लिए "मानवीय स्वामित्व और हस्तक्षेप" हमेशा आवश्यक रहेगा। ACCA के अनुसार, सौम्या नारायण ने कहा कि AI एक एल्गोरिदम है और एल्गोरिदम आधारित होने का अर्थ यह नहीं कि वह पूरी तरह निष्पक्ष या न्यायसंगत होगा। उन्होंने कहा कि भर्ती में AI का उपयोग ऐतिहासिक आंकड़ों पर आधारित होने के कारण अतीत की गलतियों और पक्षपात को दोहरा सकता है। करियर ब्रेक, नौकरी में बदलाव और व्यक्तिगत विकास जैसी परिस्थितियों को समझने के लिए मानवीय दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है, जिसे AI पूरी तरह नहीं समझ सकता।
कार्यस्थल पर AI का उपयोग भी तेजी से बढ़ रहा है
सर्वे के अनुसार भारत के 52 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा कि वे निष्पक्ष और पक्षपात रहित भर्ती में AI एल्गोरिदम की भूमिका को लेकर आश्वस्त हैं, जबकि वैश्विक औसत 43 प्रतिशत है। जेनरेशन Z में यह भरोसा 54 प्रतिशत, जेनरेशन Y में 48 प्रतिशत और जेनरेशन X में 27 प्रतिशत दर्ज किया गया।
कार्यस्थल पर AI का उपयोग भी तेजी से बढ़ रहा है। 57 प्रतिशत भारतीय प्रतिभागियों ने बताया कि वे अपने वर्तमान कार्य में AI तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं। वहीं 86 प्रतिशत लोगों ने AI से जुड़ी नई स्किल्स सीखने और उन्हें लागू करने की अपनी क्षमता पर भरोसा जताया। संगठन भी कर्मचारियों को AI कौशल सिखाने पर ध्यान दे रहे हैं। 2026 में 50 प्रतिशत कर्मचारियों ने कहा कि उनके नियोक्ता AI प्रशिक्षण के अवसर प्रदान कर रहे हैं, जबकि 2025 में यह आंकड़ा 37 प्रतिशत था।
53 प्रतिशत लोग तकनीकी बदलावों को लेकर दबाव में हैं
इसके बावजूद तकनीक से नौकरियां प्रभावित होने की चिंता सबसे बड़ी बनी हुई है। 53 प्रतिशत वित्त पेशेवरों ने तकनीकी बदलावों की तेज गति को लेकर खुद को दबाव में महसूस किया, जबकि 57 प्रतिशत AI के अपने कार्य पर प्रभाव को लेकर चिंतित हैं। इसके अलावा 34 प्रतिशत लोगों का मानना है कि AI में निवेश, कर्मचारियों के विकास में निवेश की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ रहा है।
AI उपयोगी है, लेकिन पूरी तरह निर्भर नहीं हुआ जा सकता
ACCA इंडिया की राउंडटेबल चर्चा में शामिल नियोक्ताओं ने माना कि बड़ी संख्या में आने वाले आवेदनों की प्रारंभिक जांच के लिए AI उपयोगी है, लेकिन उस पर पूरी तरह निर्भर नहीं हुआ जा सकता। एक मानव संसाधन विशेषज्ञ ने कहा कि AI आधारित स्क्रीनिंग के दौरान कई अच्छे रिज्यूमे भी छूट जाते हैं, जिन्हें कोई व्यक्ति देखकर अगले चरण तक पहुंचा सकता था।
"नई स्किल्स सीखते हुए अपने काम में AI को शामिल करना होगा"
रिपोर्ट में कहा गया है कि जनरेटिव और एजेंटिक AI भविष्य में कई नियमित और परिचालन कार्य संभालेंगे, जिससे कर्मचारियों को अधिक मूल्यवान और रचनात्मक कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलेगा। सौम्या नारायण ने कहा कि कर्मचारियों को लगातार नई स्किल्स सीखते हुए अपने काम में AI को शामिल करना होगा, जबकि कंपनियों को भूमिकाओं को इस प्रकार पुनर्गठित करना चाहिए कि नियमित कार्य स्वचालित हो जाएं और लोग अधिक सार्थक योगदान दे सकें।
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