मुंबई के बांद्रा बैंडस्टैंड पर स्थित शाहरुख खान का बंगला 'मन्नत' सिर्फ एक घर नहीं, बल्कि दुनिया भर के प्रशंसकों के लिए एक मंदिर की तरह है। हाल ही में इस ऐतिहासिक बंगले को लेकर एक बड़ी कानूनी खबर सामने आई है। 14 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने मन्नत के विस्तार के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया है, जिससे अब इस 6 मंजिला इमारत में 2 और मंजिलें जोड़ने का रास्ता साफ हो गया है। आज हम मन्नत की उस कहानी पर विस्तार से चर्चा करेंगे कि कैसे 18 करोड़ रुपये में खरीदा गया यह घर आज 300 करोड़ रुपये की संपत्ति बन चुका है और इसके कानूनी दांव-पेंच क्या रहे हैं।
18 करोड़ का सपना, आज 300 करोड़ की हकीकत
शाहरुख खान और मन्नत का रिश्ता बहुत पुराना और भावनात्मक है। साल 2001 में जब किंग खान ने इस बंगले को खरीदा था, तब इसकी कीमत करीब 13.32 से 18 करोड़ रुपये के बीच आंकी गई थी। एनडीटीवी की ताजा रिपोर्ट और वेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, आज इस प्रॉपर्टी की वैल्यू 300 करोड़ रुपये से भी अधिक हो चुकी है। मन्नत को लेकर एक मशहूर किस्सा है कि 1997 में अपनी फिल्म 'येस बॉस' के गाने 'चाँद तारे तोड़ लाऊं' की शूटिंग के दौरान शाहरुख ने पहली बार इस बंगले को देखा था।
उस समय वे एक उभरते हुए सितारे थे और जब वे बंगले के गेट के पास खड़े थे, तो सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें वहां से हटा दिया था। तब शाहरुख ने मजाक में ही सही, लेकिन एक दृढ़ संकल्प के साथ कहा था कि "एक दिन यह बंगला मेरा होगा।" और ठीक चार साल बाद, उन्होंने इसे खरीद कर अपनी बात सच कर दी। मन्नत का यह सफर न केवल शाहरुख की सफलता का प्रतीक है, बल्कि यह मनोरंजन जगत की सबसे प्रतिष्ठित संपत्तियों में से एक बन गया है।
विला वियना से मन्नत तक: एक ऐतिहासिक सफर
मन्नत का इतिहास करीब 100 साल पुराना है। यह मूल रूप से एक ग्रेड-III हेरिटेज स्ट्रक्चर है, जिसे पहले 'विला वियना' के नाम से जाना जाता था। यह बंगला एक गुजराती व्यवसायी नरीमन दुबाश के स्वामित्व में था और बाई खोर्शेद भानु संजना ट्रस्ट के अधीन था। शाहरुख खान ने इसे इसी ट्रस्ट से खरीदा था।
शुरुआत में शाहरुख ने इस बंगले का नाम 'जन्नत' रखने का सोचा था, लेकिन बाद में उन्होंने इसे 'मन्नत' नाम दिया क्योंकि उनका यह सपना पूरा होना किसी मन्नत के पूरा होने जैसा ही था। हेरिटेज नियमों के कारण बंगले की मुख्य संरचना में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता, इसलिए शाहरुख ने मुख्य बंगले के पीछे एक विशाल एनेक्स (बहुमंजिला इमारत) का निर्माण किया, जिसमें उनका पूरा परिवार रहता है।
गौरी खान का विजन और मन्नत का इंटीरियर
मन्नत का जो स्वरूप आज हम देखते हैं, उसके पीछे शाहरुख की पत्नी और मशहूर इंटीरियर डिजाइनर गौरी खान की कड़ी मेहनत है। वास्तव में, गौरी खान के प्रोफेशनल करियर की शुरुआत मन्नत के इंटीरियर से ही हुई थी। उन्होंने आर्किटेक्ट कैफ फकीह के साथ मिलकर इसे करीब एक दशक में तैयार किया।
मन्नत के अंदर ऐसी सुख-सुविधाएं हैं जो इसे एक महल बनाती हैं:
- प्राइवेट ऑडिटोरियम: इसमें 42 सीटों वाला एक निजी सिनेमा हॉल है, जहां शाहरुख अपनी फिल्मों की स्क्रीनिंग और ट्रायल देखते हैं।
- विशाल लाइब्रेरी और वर्कस्पेस: शाहरुख को पढ़ने का बहुत शौक है, इसलिए उनके पास एक शानदार लाइब्रेरी है।
- जिम और स्पा: अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं वाला एक बड़ा जिम।
- टेरेस गार्डन: यहां से अरब सागर का अद्भुत नजारा दिखता है, जहां से शाहरुख अक्सर अपने प्रशंसकों का अभिवादन करते हैं।
गौरी खान ने इसे क्लासिक और मॉडर्न स्टाइल का एक अनूठा संगम बनाया है। वर्तमान में, मन्नत का रेनोवेशन चल रहा है और इसके लिए खान परिवार अस्थायी रूप से पाली हिल स्थित 'पूजा कासा' में शिफ्ट हो गया है। आप हमारे लाइफस्टाइल सेक्शन में और भी सेलिब्रिटी घरों के बारे में पढ़ सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट की बड़ी खबर: दो नई मंजिलों की मंजूरी
14 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले ने मन्नत को फिर से सुर्खियों में ला दिया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने मन्नत के कोस्टल रेगुलेशन जोन (CRZ) क्लियरेंस के खिलाफ दायर एक याचिका को खारिज कर दिया। यह याचिका एक्टिविस्ट संतोष दौंडकर द्वारा दायर की गई थी, जिन्होंने बंगले के विस्तार को नियमों का उल्लंघन बताया था।
सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के पहले के फैसले को बरकरार रखा, जिसमें मन्नत के निर्माण और विस्तार को वैध माना गया था। कोर्ट ने याचिकाकर्ता की मंशा (bonafides) पर भी सवाल उठाए और कहा कि निर्माण कार्य सभी आवश्यक मंजूरियों के साथ किया जा रहा है। इस फैसले के बाद अब मन्नत की मौजूदा 6 मंजिला इमारत पर 7वीं और 8वीं मंजिल बनाने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
CRZ क्लीयरेंस और निर्माण के नियम
मन्नत समुद्र के किनारे स्थित है, इसलिए यह क्षेत्र कोस्टल रेगुलेशन जोन (CRZ-II) कैटेगरी में आता है। ऐसे क्षेत्रों में निर्माण के लिए महाराष्ट्र कोस्टल जोन मैनेजमेंट अथॉरिटी (MCZMA) से अनुमति लेना अनिवार्य है।
तथ्यों के अनुसार:
- MCZMA मंजूरी: जनवरी 2025 में अथॉरिटी ने मन्नत के एनेक्स में दो अतिरिक्त मंजिलें जोड़ने के लिए CRZ क्लीयरेंस दिया था।
- MCGM मंजूरी: मुंबई नगर निगम (MCGM) ने 7 नवंबर 2024 को बिल्डिंग प्लान को अपनी स्वीकृति दे दी थी।
- विस्तार का क्षेत्रफल: नई मंजिलों के जुड़ने से मन्नत के कुल बिल्ट-अप एरिया में लगभग 616.02 वर्ग मीटर का इजाफा होगा।
विपक्षियों का तर्क था कि हेरिटेज स्ट्रक्चर और कोस्टल नियमों के कारण यहां और निर्माण नहीं होना चाहिए, लेकिन कोर्ट ने स्पष्ट किया कि एनेक्स बिल्डिंग पर अतिरिक्त फ्लोर जोड़ना नियमों के दायरे में है।
मन्नत: सिर्फ एक घर नहीं, एक इमोशन
शाहरुख खान के लिए मन्नत उनकी सफलता का सबसे बड़ा प्रतीक है। वे अक्सर साक्षात्कारों में कहते हैं कि अगर उनसे कभी सब कुछ छीन लिया जाए, तो वे मन्नत को बचाने की पूरी कोशिश करेंगे क्योंकि यह उनके परिवार का आधार है। हर रविवार और विशेष त्योहारों जैसे ईद या शाहरुख के जन्मदिन पर, मन्नत के बाहर हजारों प्रशंसकों की भीड़ जमा होती है।
प्रशंसकों का यह हुजूम मन्नत को मुंबई का एक ऐसा टूरिस्ट स्पॉट बना देता है, जो गेटवे ऑफ इंडिया या मरीन ड्राइव से कम नहीं है। शाहरुख का अपने टेरेस से प्रशंसकों की ओर हाथ हिलाना अब एक वैश्विक छवि बन चुकी है।
निष्कर्ष
मन्नत की कहानी एक साधारण लड़के के असाधारण सपनों के सच होने की कहानी है। 18 करोड़ से 300 करोड़ तक का यह सफर और अब सुप्रीम कोर्ट से मिली 8 मंजिल तक विस्तार की मंजूरी, यह दर्शाती है कि शाहरुख खान का यह 'किला' समय के साथ और भी भव्य होने जा रहा है। कानूनी अड़चनें दूर होने के बाद, प्रशंसक अब मन्नत के नए और अधिक विशाल रूप को देखने का इंतजार कर रहे हैं।
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