जयपुर, राजस्थान: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने सोशल मीडिया पर साझा एक वीडियो में कहा, “जनगणना 2027 केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह एक बड़ा राष्ट्रीय अभियान है जो देश के भविष्य की दिशा तय करता है। यह इस बात का उदाहरण है कि सरकार कैसे योजना बनाती है, संसाधनों का वितरण करती है और विकास को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाती है।”
उन्होंने बताया कि राजस्थान में जनगणना 2027 के पहले चरण में 16 मई 2026 से 14 जून 2026 तक घर-घर जाकर हाउस लिस्टिंग और गणना की जाएगी। इसके साथ ही 1 मई से 15 मई 2026 के बीच नागरिकों को स्वयं-गणना (Self-enumeration) में भाग लेने का अवसर मिलेगा, जिससे हर नागरिक इस राष्ट्रीय जिम्मेदारी में सीधे भागीदारी कर सकेगा।
#WATCH | Jaipur: Rajasthan Chief Minister Bhajan Lal Sharma says, "The Census of India 2027 is not just a collection of data but a great national initiative that sets the direction for the future of the nation. It is an example of how the government plans, distributes resources… pic.twitter.com/frgLM6rBOC
— ANI (@ANI) April 29, 2026
1 मई से जनगणना प्रक्रिया शुरू होगी
इससे पहले मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि राज्य में 1 मई से जनगणना प्रक्रिया शुरू होगी और लोगों से इसमें सक्रिय भागीदारी तथा सही जानकारी देने की अपील की थी। जनगणना 2027 भारत की 16वीं जनगणना होगी और स्वतंत्रता के बाद 8वीं। यह दुनिया का सबसे बड़ा जनगणना अभियान होगा, जिसमें डिजिटल तकनीक, डेटा सुरक्षा और प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
जनसंख्या गणना के दौरान विस्तृत जातिगत गणना भी होगी
इसमें मोबाइल आधारित डेटा संग्रह, जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (CMMS) के जरिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग, स्वयं-गणना की सुविधा और जियो-रेफरेंस्ड डेटा का व्यापक उपयोग शामिल होगा। जनसंख्या गणना के दौरान विस्तृत जातिगत गणना भी की जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया उन्नत डिजिटल टूल्स की मदद से तेज, सटीक और विस्तृत डेटा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की जाएगी, साथ ही डेटा सुरक्षा और जनभागीदारी का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा।
भारत में जनगणना हर 10 साल में होती है, लेकिन 2021 में होने वाली जनगणना COVID-19 के कारण समय पर नहीं हो सकी थी। ऐसे में जनगणना 2027 इस श्रृंखला की अगली कड़ी होगी।