नई दिल्ली: राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने मंगलवार को राजस्थान के जोधपुर में दो बहनों के कथित सामूहिक दुष्कर्म, ब्लैकमेल, यौन शोषण और बाद में आत्महत्या किए जाने की गंभीर मीडिया रिपोर्टों पर स्वतः संज्ञान लिया। इस मामले के बाद NCW की अध्यक्ष विजया राहतकर ने राजस्थान के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) को औपचारिक पत्र लिखकर निष्पक्ष, कानूनी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
आयोग ने सात दिनों के भीतर विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) भी मांगी है। NCW ने X पर पोस्ट करते हुए कहा, “आयोग ने FIR में लगाए गए प्रावधानों, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, जांच की वर्तमान स्थिति, डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों, पीड़ित परिवार की पहले की शिकायतों पर कथित पुलिस निष्क्रियता और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही की जानकारी मांगी है।”
🚨 #NewsAlert | राष्ट्रीय महिला आयोग ने जोधपुर, राजस्थान में दो बहनों के साथ कथित रूप से लंबे समय तक सामूहिक दुष्कर्म, ब्लैकमेल, यौन शोषण एवं बाद में आत्महत्या किए जाने संबंधी अत्यंत गंभीर मीडिया रिपोर्ट्स पर स्वतः संज्ञान लिया है।@NCWIndia | #NationalCommissionforWomen | #NCW… pic.twitter.com/rxeZpdqP2i
— यूनीवार्ता (@univartaindia1) May 19, 2026
महिला आयोग ने संभावित लापरवाही पर जताई चिंता
आयोग ने स्थानीय प्रशासन की संभावित लापरवाही पर भी चिंता जताई। महिला अधिकारों से जुड़ी शीर्ष संस्था ने राज्य प्रशासन को पीड़ित परिवार को तत्काल कानूनी सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श, सुरक्षा और पुनर्वास सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं।
पोस्ट में कहा गया, “इसके अलावा पीड़ित परिवार को दी जा रही कानूनी सहायता, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, सुरक्षा और पुनर्वास सहायता की जानकारी भी मांगी गई है। साथ ही महिलाओं के खिलाफ यौन अपराध और ब्लैकमेल के मामलों में भविष्य में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों का ब्यौरा भी मांगा गया है।”
महिला आयोग ने मामले की कड़ी निंदा कर बताया जघन्य अपराध
राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ ऐसे जघन्य अपराध और किसी भी स्तर पर लापरवाही को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आयोग ने भविष्य में ऐसे मामलों में देरी रोकने के लिए व्यवस्था में सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया।
इस बीच, NCW अध्यक्ष विजया राहतकर ने रविवार को श्रीनगर को महिलाओं की प्रगति के लिए सुरक्षित और प्रगतिशील वातावरण बताया। उन्होंने घोषणा की कि आयोग अपने प्रमुख कार्यक्रम “शक्ति संवाद” के जरिए शहर में महिलाओं के विकास के लिए छह महीने की कार्ययोजना तैयार करेगा।
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