ब्यूरो:  हरियाणा सरकार ने विश्व मधुमक्खी दिवस के अवसर पर राज्य के मधुमक्खी पालकों को बड़ी राहत देते हुए प्रोत्साहन राशि वितरित की। पंचकूला में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 30 मधुमक्खी पालकों को भावांतर भरपाई योजना के तहत करीब 1.02 करोड़ रुपये की सहायता राशि सौंपी। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मधुमक्खियां केवल शहद उत्पादन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कृषि उत्पादन, पर्यावरण संतुलन और मानव जीवन के लिए बेहद जरूरी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि दुनिया से मधुमक्खियां समाप्त हो जाएं तो खाद्य श्रृंखला और मानव अस्तित्व दोनों पर गंभीर संकट आ सकता है। उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति और प्राचीन ग्रंथों में भी मधु और मधुमक्खियों का विशेष महत्व बताया गया है।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने किसानों को पारंपरिक खेती के साथ मधुमक्खी पालन अपनाने के लिए प्रेरित किया। उनका कहना था कि यह ऐसा व्यवसाय है जिसे कम लागत और सीमित संसाधनों में शुरू किया जा सकता है तथा इससे किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होते हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि हरियाणा सरकार मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2021 से विशेष नीति लागू कर चुकी है। सरकार ने वर्ष 2030 तक राज्य में मधुमक्खी पालकों की संख्या 7750 तक पहुंचाने और शहद उत्पादन को 15,500 मीट्रिक टन तक बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है। इसके तहत मधुमक्खी बॉक्स, कॉलोनी और अन्य उपकरणों पर 85 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।

उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग, प्रदूषण, जंगलों की कटाई और बदलता जलवायु संतुलन मधुमक्खियों की संख्या को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में इनके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।

सरकार ने मधुमक्खी पालन को मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना और भावांतर भरपाई योजना में भी शामिल किया है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार मधुमक्खी पालकों और किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए लगातार काम करती रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए नेशनल बी कीपिंग एंड हनी मिशन के बाद देश में शहद उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने जानकारी दी कि हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के रामनगर में इजरायली तकनीक पर आधारित एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केंद्र और शहद व्यापार केंद्र भी स्थापित किया गया है, जिससे इस क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी।