वेल्लोर, तमिलनाडु: तमिलनाडु के हथकरघा, हस्तशिल्प, वस्त्र एवं खादी मंत्री विजय बालाजी ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार बुनकरों की आजीविका में सुधार के लिए हरसंभव कदम उठाएगी। साथ ही उन्होंने फर्जी लेटरहेड का इस्तेमाल कर संगठन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी। मंत्री ने यह बात वेल्लोर जिले के गुडियाथम स्थित कोंडासमुद्रम लघु हथकरघा पार्क के निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।

निरीक्षण के दौरान विजय बालाजी ने हथकरघा पार्क में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया और अधिकारियों के साथ-साथ बुनकर समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत की। उन्होंने हथकरघा क्षेत्र को मजबूत बनाने और बुनकरों के कल्याण के लिए चल रही विभिन्न योजनाओं पर भी चर्चा की। इस दौरान वेल्लोर जिला कलेक्टर लीला एलेक्स और स्थानीय विधायक भी उनके साथ मौजूद रहे।

अर्थव्यवस्था और सामाजिक संरचना में बुनकरों की अहम भूमिका

मीडिया से बातचीत में विजय बालाजी ने बताया कि हथकरघा विभाग राज्यभर में जमीनी स्तर पर निरीक्षण कर रहा है, ताकि क्षेत्र के विकास और विस्तार के लिए आवश्यक कदमों की पहचान की जा सके। बुनकर समुदाय के महत्व पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था और सामाजिक संरचना में बुनकरों की अहम भूमिका है।

उन्होंने कहा, "कृषि के बाद बुनकर इस देश की आंखें हैं। उनकी आजीविका को बेहतर बनाने के लिए सरकार सभी आवश्यक कदम उठाएगी।" मंत्री ने कहा कि लुंगी उत्पादन से जुड़े श्रमिकों की आय आमतौर पर साड़ी बुनने वाले बुनकरों की तुलना में कम होती है। सरकार इस असमानता से अवगत है और संबंधित पक्षों के साथ चर्चा कर मजदूरी तथा आय बढ़ाने के उपाय तलाशे जाएंगे।

सरकारी योजननाओं को लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए हम प्रतिबद्ध- विजय बालाजी

विजय बालाजी ने यह भी कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचे। उन्होंने चेतावनी दी कि फर्जी लेटरहेड के जरिए संगठन चलाकर बुनकरों को गुमराह करने वाले व्यक्तियों या समूहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, "सरकार किसी भी ऐसी अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेगी, जिससे वास्तविक बुनकरों को मिलने वाले लाभ और मजदूरी प्रभावित हों।"

सरकार बुनकरों की बेहतरी के लिए प्रयासरत है- विजय बालाजी

मंत्री ने हथकरघा उद्योग को निरंतर समर्थन देने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि राज्य की पोंगल कल्याण योजना के तहत वितरित की जाने वाली साड़ियों और धोतियों के उत्पादन में हथकरघा क्षेत्र को प्राथमिकता मिलती रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार तमिलनाडु के बुनकरों की आर्थिक स्थिति और जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है।