लखनऊ: उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर (OP Rajbhar) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छात्रों के नाम वीडियो संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छात्रों को सही रास्ते पर लाना और उनके बेहतर भविष्य के लिए काम करना सरकार की जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने कहा कि पीएम मोदी देश की आवाज पर ध्यान देंगे और राष्ट्रहित में काम करेंगे।

ओपी राजभर ने कहा कि कई कारणों से कुछ छात्र गलत रास्ते पर जा सकते हैं। ऐसे छात्रों को माफ कर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों को उचित समझाइश देकर सही दिशा में आगे बढ़ाना जरूरी है। राजभर ने कहा, "छात्र किसी वजह से गलत रास्ते पर चले गए हैं तो उन्हें माफ कर उनकी तरक्की के लिए काम करना चाहिए। उन्हें सही रास्ते पर लाने के लिए समझाना चाहिए और विकास की मुख्यधारा से जोड़ना चाहिए।" उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के पास कोई वास्तविक काम नहीं है और वह लगातार बयानबाजी करता रहता है। राजभर ने कहा कि देश की जनता ने प्रधानमंत्री को चुना है और लोगों की अपेक्षा है कि वह देश और नागरिकों के लिए काम करें।

PM मोदी ने क्या कहा था?

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा कर जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन का जिक्र किया था। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कुछ शरारती बच्चों ने बेहद आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें और उनकी दिवंगत मां को भी अपशब्द कहे गए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि गाली-गलौज से किसी समस्या का समाधान नहीं होता। उन्होंने लोगों से अपील की कि जो बच्चे रास्ते से भटक गए हैं, उन्हें अपनाया जाए और सही दिशा दिखाई जाए। पीएम मोदी ने कहा कि वह युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए लगातार काम कर रहे हैं और युवाओं को अपनी गलतियों से सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।

बच्चों को दंडित करने के बजाए सही रास्ता दिखाना ज़रूरी- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि समाज में अभद्र भाषा के इस्तेमाल को लेकर नाराजगी को वह पूरी तरह समझते हैं। साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे बच्चों को दंडित करने के बजाय उन्हें सही रास्ता दिखाने और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की जरूरत है। राजभर ने प्रधानमंत्री के इसी संदेश का समर्थन करते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए उन्हें सही दिशा देना जरूरी है।