फरीदाबाद, हरियाणा: हरियाणा सरकार ने 30 मई को प्रस्तावित ध्वस्तीकरण (डिमोलिशन) अभियान के मद्देनज़र फरीदाबाद जिले के एक निर्धारित क्षेत्र में मोबाइल इंटरनेट, बल्क SMS और डोंगल सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद करने का आदेश जारी किया है। हरियाणा गृह विभाग द्वारा 29 मई को जारी आदेश के अनुसार, फरीदाबाद के NIT जोन में चिन्हित स्थान के एक किलोमीटर के दायरे में 30 मई को रात 12:30 बजे से रात 10 बजे तक 2G, 3G, 4G और 5G मोबाइल इंटरनेट सेवाएं, बल्क SMS सेवाएं और सभी डोंगल सेवाएं निलंबित रहेंगी।

गृह विभाग की अतिरिक्त सचिव वंदना दिसोदिया द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि दूरसंचार अधिनियम 2023 और दूरसंचार (सेवाओं का अस्थायी निलंबन) नियम, 2024 के तहत यह निर्णय लिया गया है। राज्य के सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को इस आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान तनाव से बचने के लिए उठाया कदम

यह फैसला हरियाणा पुलिस की CID शाखा के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) और फरीदाबाद के उपायुक्त (DC) से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है। अधिकारियों ने आशंका जताई थी कि ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान तनाव, विरोध-प्रदर्शन, सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान तथा शांति व्यवस्था भंग होने की संभावना है।

आदेश में कहा गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सऐप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (पूर्व में ट्विटर) और अन्य मैसेजिंग सेवाओं के जरिए अफवाहें फैलाकर भीड़ जुटाने और हिंसक गतिविधियों को बढ़ावा देने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

वॉयस कॉल सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहेंगी

सरकार ने स्पष्ट किया है कि वॉयस कॉल सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहेंगी। इसके अलावा व्यक्तिगत SMS, बैंकिंग SMS, मोबाइल रिचार्ज संदेश, ब्रॉडबैंड इंटरनेट और लीज लाइन आधारित इंटरनेट सेवाओं को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है, ताकि आम लोगों की दैनिक जरूरतों और व्यावसायिक गतिविधियों पर न्यूनतम असर पड़े।

30 मई को सुबह 12:30 बजे से रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगा

सरकार के अनुसार यह प्रतिबंध केवल NIT जोन के चिन्हित स्थान के एक किलोमीटर क्षेत्र तक सीमित रहेगा और 30 मई को सुबह 12:30 बजे से रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगा। आदेश में यह भी कहा गया है कि यह कदम सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आपातकालीन एहतियाती उपाय के तौर पर उठाया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।