नागपुर, महाराष्ट्र: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और बॉलीवुड अभिनेता सुनील शेट्टी ने रविवार को सांसद (खासदार) क्रीड़ा महोत्सव 2026 का उद्घाटन किया। यह बहु-खेल प्रतियोगिता 31 मई से 7 जून तक आयोजित की जाएगी। इस अवसर पर सुनील शेट्टी ने खेलों की परिवर्तनकारी शक्ति पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों को नकारात्मक प्रभावों से दूर रखने और सही दिशा देने के लिए खेलों को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है।

मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, "यही इसका समाधान है—खेल, स्वास्थ्य और वेलनेस। अगर हम बच्चों को इसके बारे में जागरूक करें तो बड़ा बदलाव आ सकता है। नागपुर जैसे शहर में लाखों बच्चे खेलों से जुड़े हुए हैं। जब बच्चे खेलों पर ध्यान देते हैं तो उनके पास दूसरी चीजों के लिए समय नहीं होता।"

जीवन में जो भी सकारात्मकता है वो खेलों से है- सुनील शेट्टी

सुनील शेट्टी ने आगे कहा, "मेरे जीवन में जो भी सकारात्मक हुआ है और आज भी लोग मेरी फिटनेस और स्वास्थ्य की चर्चा करते हैं, उसका श्रेय खेलों के प्रति मेरे प्रेम को जाता है। बच्चों को नकारात्मक प्रभावों से दूर रखने के लिए उन्हें खेलों में शामिल करना बेहद जरूरी है।"

"स्वास्थ्य को बनाए रखने का सबसे बेहतर माध्यम खेल हैं"

सुनील शेट्टी ने सांसद क्रीड़ा महोत्सव की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों में हर साल भाग लेना जरूरी है ताकि लोगों तक यह संदेश पहुंचे कि स्वास्थ्य बनाए रखने का सबसे बेहतर माध्यम खेल हैं। उन्होंने कहा, "नागपुर में जो हो रहा है वह काफी अनोखा है, क्योंकि यहां 50 से 60 से अधिक खेलों में लोगों की भागीदारी देखने को मिलती है। इतने बड़े स्तर पर खेलों का आयोजन वाकई शानदार है।"

खेल मंत्री ने की 39वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों की समीक्षा

इस दौरान उन्होंने आगामी खेलो इंडिया कार्यक्रम पर भी बात की और कहा कि देशभर में मैराथन और अन्य खेल आयोजन हो रहे हैं, लेकिन नागपुर का यह आयोजन अपने व्यापक स्वरूप के कारण विशेष महत्व रखता है। वहीं, इससे पहले केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने 2027 में आयोजित होने वाले 39वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।

सतत विकास और विविधता  39वें राष्ट्रीय खेलों का मुख्य संदेश

बैठक में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप 39वें राष्ट्रीय खेल केवल एक खेल आयोजन नहीं होंगे, बल्कि मेघालय और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत, विविधता और पहचान को देश-दुनिया के सामने प्रदर्शित करने का अवसर भी होंगे। मांडविया ने कहा, "सतत विकास और विविधता 2027 में मेघालय में होने वाले 39वें राष्ट्रीय खेलों का मुख्य संदेश होगा।"