सविता पूनिया बनीं भारतीय महिला हॉकी की सबसे ज्यादा मैच खेलने वाली खिलाड़ी, रचा ऐतिहासिक रिकॉर्ड

सविता पूनिया ने एशियन गेम्स 2026 में इतिहास रचते हुए भारतीय महिला हॉकी में सबसे ज्यादा सीनियर अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने वंदना कटारिया के 320 मैचों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा और हॉकी इंडिया से 10 लाख रुपये का पुरस्कार पाया।

By  Preeti Kamal September 21st 2026 02:05 PM -- Updated: September 21st 2026 01:41 PM

आइची-नागोया: भारतीय महिला हॉकी टीम की अनुभवी गोलकीपर सविता पूनिया ने सोमवार को इतिहास रच दिया। उन्होंने भारतीय महिला हॉकी में सबसे ज्यादा सीनियर अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। सविता ने पूर्व भारतीय स्ट्राइकर वंदना कटारिया के 320 अंतरराष्ट्रीय मैचों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की।

सविता ने यह ऐतिहासिक मुकाम जापान में जारी एशियन गेम्स 2026 में भारत और इंडोनेशिया के बीच पूल-बी मुकाबले के दौरान हासिल किया। हॉकी इंडिया के मुताबिक, इस उपलब्धि के सम्मान में संस्था ने सविता के लिए 10 लाख रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है। इसके अलावा मैदान साझा करने से लेकर अनगिनत यादगार पल साथ बिताने तक, टीम के साथी भारतीय हॉकी की दिग्गज खिलाड़ियों ने भी सविता पूनिया का सम्मान किया। साथी खिलाड़ियों का कहना है कि सविता ने उन्हें प्रेरित किया है और अब वह 321 सीनियर इंटरनेशनल मैच खेलने वाली सबसे ज़्यादा मैच खेलने वाली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं।

320 मैच के रिकॉर्ड को किया पार

36 वर्षीय सविता पूनिया ने 2009 में भारतीय सीनियर टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था। लगभग दो दशक लंबे करियर में उन्होंने तीन ओलंपिक खेलों, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन चैंपियंस ट्रॉफी और एफआईएच प्रो लीग जैसे कई बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है।

सविता ने फरवरी 2025 में नीदरलैंड्स के खिलाफ एफआईएच हॉकी प्रो लीग मुकाबले में अपने 300 अंतरराष्ट्रीय मैच पूरे किए थे। वह 300 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली दूसरी भारतीय महिला खिलाड़ी बनी थीं। उनसे पहले यह उपलब्धि वंदना कटारिया ने हासिल की थी। 20 सितंबर 2026 को उज्बेकिस्तान के खिलाफ एशियन गेम्स के पहले मुकाबले में भारत की 19-0 की जीत के दौरान सविता ने वंदना के 320 मैचों के रिकॉर्ड की बराबरी की थी। इसके एक दिन बाद इंडोनेशिया के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने नया रिकॉर्ड कायम कर दिया।

'द वॉल ऑफ इंडिया' के नाम से हैं मशहूर

सविता पूनिया को उनकी शानदार गोलकीपिंग और पेनल्टी शूटआउट में दबाव के बीच बेहतरीन प्रदर्शन के कारण हॉकी जगत में 'द वॉल ऑफ इंडिया' के नाम से जाना जाता है। वह लंबे समय तक भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान भी रहीं और टीम की नेतृत्वकर्ता के तौर पर कई महत्वपूर्ण अभियानों का हिस्सा बनीं। मौजूदा समय में सलिमा टेटे भारतीय महिला टीम की कप्तान हैं।

ओलंपिक से कॉमनवेल्थ गेम्स तक शानदार उपलब्धियां

सविता के करियर में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज हैं। वह 2020, 2021 और 2023 में तीन बार एफआईएच गोलकीपर ऑफ द ईयर चुनी गईं। टोक्यो ओलंपिक में वह भारतीय टीम की उपकप्तान थीं, जहां टीम ने ऐतिहासिक रूप से चौथा स्थान हासिल किया था।

2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय टीम ने कांस्य पदक जीता था और सविता ने पेनल्टी शूटआउट में मैच जिताने वाला प्रदर्शन किया था। उन्होंने 2022 में भारत को पहली एफआईएच नेशंस कप ट्रॉफी दिलाने वाली टीम की कप्तानी भी की। 2026 एफआईएच हॉकी विश्व कप में भारत ने पांचवां स्थान हासिल किया, जो 52 वर्षों में टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बताया गया है।

अर्जुन पुरस्कार और पद्मश्री से सम्मानित

सविता पूनिया को उनके योगदान के लिए 2018 में अर्जुन पुरस्कार और 2025 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया। उन्हें हॉकी इंडिया के बालजीत सिंह पुरस्कार से 2015 और 2024 में गोलकीपर ऑफ द ईयर के लिए सम्मानित किया गया। इसके अलावा वह 2021, 2022 और 2024 में हॉकी इंडिया के बलबीर सिंह सीनियर पुरस्कार से प्लेयर ऑफ द ईयर भी चुनी गईं। खेल के क्षेत्र में सविता की उपल्बिधयों पर उनके परिवार को भी बहुत खुशी है।

रिकॉर्ड बनाने के बाद क्या बोलीं सविता?

ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद सविता पूनिया ने अपने परिवार, कोच, साथियों और समर्थकों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह भारतीय महिला हॉकी के इतिहास में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली खिलाड़ी बनेंगी।

सविता ने कहा कि यह रिकॉर्ड केवल उनका नहीं है, बल्कि उन सभी खिलाड़ियों का है, जिन्होंने उनके साथ खेला। उन्होंने वंदना कटारिया का भी विशेष तौर पर उल्लेख करते हुए कहा कि वंदना ने एक ऊंचा मानदंड स्थापित किया और खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। सविता ने युवा खिलाड़ियों से बड़े सपने देखने, लगातार मेहनत करने और भारतीय हॉकी को आगे ले जाने की दिशा में काम करते रहने की अपील की।

हॉकी इंडिया ने की सविता की सराहना

हॉकी इंडिया के अध्यक्ष डॉ. दिलीप टिर्की ने सविता की उपलब्धि को लगभग दो दशकों के अनुशासन और नेतृत्व का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि सविता लंबे समय से भारतीय टीम की रीढ़ रही हैं और यह ऐतिहासिक उपलब्धि पूरी तरह उनकी मेहनत के अनुरूप है। हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने भी सविता को बधाई देते हुए कहा कि उनकी यात्रा उन सभी युवा गोलकीपरों के लिए प्रेरणा है, जो भारतीय टीम की जर्सी पहनने का सपना देखते हैं।

वंदना कटारिया के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा

सविता ने जिस रिकॉर्ड को तोड़ा है, वह लंबे समय तक पूर्व भारतीय स्ट्राइकर वंदना कटारिया के नाम था। वंदना ने भी 2009 में ही अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था और अप्रैल 2025 में 320 अंतरराष्ट्रीय मैचों तथा 158 गोल के साथ अपने करियर को विराम दिया। वंदना भारतीय महिला हॉकी की सर्वाधिक गोल करने वाली खिलाड़ी हैं। उनके करियर में टोक्यो ओलंपिक की ऐतिहासिक हैट्रिक सहित कई यादगार उपलब्धियां दर्ज हैं और उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया जा चुका है।

सविता अब भारतीय महिला हॉकी में सबसे ज्यादा सीनियर अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली खिलाड़ी बन गई हैं। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय टीम का अभियान जारी है और यह प्रतियोगिता लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए क्वालिफिकेशन का भी महत्वपूर्ण मार्ग है।

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