CM विजय ने साहित्यकार पूमणि के निधन पर जताया शोक, राजकीय सम्मान से होगा अंतिम संस्कार

मुख्यमंत्री ने पूमणि के निधन को तमिल साहित्य जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया और उनके परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों तथा साहित्य जगत से जुड़े सभी लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने घोषणा की कि साहित्य के क्षेत्र में पूमणि के अमूल्य योगदान को सम्मान देते हुए उनके अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किए जाएंगे।

By  Preeti Kamal July 13th 2026 10:24 AM

चेन्नई, तमिलनाडु: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (Joseph Vijay) ने सोमवार को प्रख्यात तमिल साहित्यकार और साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित पूमणि (Poomani) के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने घोषणा की कि दिवंगत लेखक का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

मुख्यमंत्री विजय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शोक संदेश साझा करते हुए कहा कि साहित्य जगत में पूमणि के नाम से प्रसिद्ध पूलिथुरई मणिक्कवासगम (Poolithurai Manickavasagam) तमिल साहित्य की सबसे महत्वपूर्ण आवाज़ों में से एक थे। उन्होंने लिखा, "साहित्य जगत में पूमणि के नाम से प्रसिद्ध, साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित और तमिल साहित्य के महत्वपूर्ण रचनाकार श्री पूलिथुरई मणिक्कवासगम के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है।"

पूमणि की रचनाएं इतिहास की गवाही देती हैं- मुख्यमंत्री विजय

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूमणि की रचनाओं में तमिलनाडु की मिट्टी की खुशबू, आम लोगों के जीवन का यथार्थ और इतिहास की गहरी झलक मिलती है। उनकी कृतियों ने तमिल साहित्य को अमूल्य योगदान दिया है। उन्होंने कहा, "उनकी रचनाओं में शुष्क भूमि की मिट्टी की महक, आम लोगों के जीवन की संवेदनाएं और इतिहास की गहरी गवाही दिखाई देती है, जिसने उन्हें तमिल साहित्य का एक महत्वपूर्ण रचनाकार बनाया।"


पूमणि को उपन्यास 'Annati' के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला

मुख्यमंत्री विजय ने याद दिलाया कि पूमणि को उनके उपन्यास 'अन्नाटी (Annati)' के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला था। वहीं, उनके उपन्यास 'वेक्कई (Vekkai)' पर आधारित चर्चित फिल्म 'असुरन (Asuran)' ने उनकी साहित्यिक रचनाओं को वैश्विक पहचान दिलाई। उन्होंने कहा, "'अन्नाटी' के लिए मिला साहित्य अकादमी पुरस्कार उनकी साहित्यिक उपलब्धियों का सर्वोच्च सम्मान है। वहीं, 'वेक्कई' पर आधारित फिल्म 'असुरन' ने उनकी लेखनी को दुनिया भर तक पहुंचाया।"

मुख्यमंत्री ने पूमणि के निधन को तमिल साहित्य जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया और उनके परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों तथा साहित्य जगत से जुड़े सभी लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने घोषणा की कि साहित्य के क्षेत्र में पूमणि के अमूल्य योगदान को सम्मान देते हुए उनके अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किए जाएंगे।

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