राहुल गांधी या विजय? TVK गठबंधन पर तमिलनाडु कांग्रेस में मतभेद

तमिलनाडु कांग्रेस में TVK गठबंधन और 2029 लोकसभा चुनाव के नेतृत्व को लेकर मतभेद सामने आए हैं। के. सेल्वापेरुंथगई ने राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का चेहरा स्वीकार करने की बात कही, जबकि प्रवीण चक्रवर्ती ने गठबंधन में किसी अनिश्चितता से इनकार किया।

By  Preeti Kamal September 17th 2026 05:00 PM -- Updated: September 17th 2026 04:13 PM

चेन्नई, तमिलनाडु: तमिलनाडु कांग्रेस में तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के साथ गठबंधन और 2029 लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर मतभेद सामने आए हैं। पूर्व तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष के. सेल्वापेरुंथगई (K Selvaperunthagai) ने सहयोगी दलों से राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर स्वीकार करने की बात कही है। उनके बयान पर कांग्रेस सांसद प्रवीण चक्रवर्ती ने प्रतिक्रिया देते हुए गठबंधन को लेकर किसी तरह की अनिश्चितता से इनकार किया। दोनों नेताओं के बीच सार्वजनिक बयानबाजी के बाद तमिलनाडु कांग्रेस में TVK के साथ संबंधों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

सेल्वापेरुंथगई ने कहा कि कांग्रेस को ऐसे गठबंधन सहयोगियों के साथ रहना चाहिए जो राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में स्वीकार करते हों। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कोई सहयोगी राहुल गांधी की उम्मीदवारी को स्वीकार नहीं करता तो ऐसे गठबंधन का उद्देश्य क्या है। यह बयान ऐसे समय आया है जब TVK प्रमुख और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय को लेकर पार्टी समर्थकों के बीच राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका की चर्चा हो रही है। हालांकि, विजय की ओर से 2029 के लिए प्रधानमंत्री पद की औपचारिक उम्मीदवारी घोषित किए जाने की बात इन रिपोर्टों में सामने नहीं आई है।

प्रवीण चक्रवर्ती ने मतभेदों को किया खारिज

कांग्रेस सांसद प्रवीण चक्रवर्ती ने सेल्वापेरुंथगई की टिप्पणियों को खारिज करते हुए कहा कि गठबंधन में कोई अनिश्चितता नहीं है। उन्होंने पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के गठबंधन पर बोलने के अधिकार पर भी सवाल उठाया। चक्रवर्ती के मुताबिक, कांग्रेस और TVK के बीच संबंध बने हुए हैं और दोनों पक्षों के बीच बातचीत सौहार्दपूर्ण रही है। उन्होंने हाल में गठबंधन सहयोगियों की बैठक का भी उल्लेख किया।

कांग्रेस और TVK के बीच गठबंधन कैसे बना?

2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस ने DMK के साथ अपनी पिछली राजनीतिक व्यवस्था से अलग होकर TVK के नेतृत्व वाली सरकार को समर्थन दिया। TVK ने चुनाव में 108 सीटें जीतीं, जबकि सरकार बनाने के लिए 118 सीटों का बहुमत जरूरी था। कांग्रेस ने 5 सीटें जीतीं और अन्य सहयोगी दलों के समर्थन के साथ TVK गठबंधन का आंकड़ा 121 तक पहुंचा। इसके बाद TVK के नेतृत्व वाली व्यवस्था में कांग्रेस की भूमिका को लेकर राजनीतिक समीकरण बदले। सितंबर में इस गठबंधन को Secular Social Justice Victory Alliance नाम दिया गया।

2029 को लेकर अलग-अलग राजनीतिक संकेत

तमिलनाडु में कांग्रेस के कुछ नेताओं ने राहुल गांधी को पार्टी के प्रधानमंत्री पद के चेहरे के रूप में समर्थन दिया है। दूसरी ओर, TVK समर्थकों के बीच विजय को राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व की भूमिका में देखने की चर्चा होती रही है। इसी अंतर ने 2029 लोकसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के बीच नेतृत्व के सवाल को राजनीतिक चर्चा का विषय बना दिया है। हालांकि, मौजूदा विवाद में कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी का समर्थन करने और TVK से जुड़े वर्गों की ओर से विजय का नाम सामने आने की स्थिति अलग-अलग बयानों के आधार पर सामने आई है।

गठबंधन पर फिलहाल क्या स्थिति है?

सार्वजनिक रूप से सामने आए बयानों में कांग्रेस सांसद प्रवीण चक्रवर्ती ने गठबंधन में किसी संकट से इनकार किया है, जबकि सेल्वापेरुंथगई ने राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर स्वीकार करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। इसलिए मौजूदा घटनाक्रम में मुख्य विवाद गठबंधन के औपचारिक टूटने की घोषणा को लेकर नहीं, बल्कि 2029 के राष्ट्रीय चुनाव में नेतृत्व के सवाल और गठबंधन सहयोगियों की राजनीतिक प्राथमिकताओं को लेकर दिखाई दे रहा है।

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