चेन्नई, तमिलनाडु: तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (C. Joseph Vijay) और विपक्षी दल डीएमके (DMK) के बीच सोमवार को तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिली। मुख्यमंत्री विजय की ओर से डीएमके पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाने के बाद विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने उनके भाषण पर निशाना साधा और उन्हें अगली बार बेहतर तैयारी के साथ सदन में आने की सलाह दी।

उदयनिधि स्टालिन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर विजय के भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए सवाल उठाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) के आरोपों से संबंधित प्रिंटआउट लेकर उन्हें पढ़ने में मुख्यमंत्री को तीन दिन क्यों लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि विजय ने विपक्ष के सवालों का जवाब देने के बजाय आरोपों को दूसरी दिशा में मोड़ने की कोशिश की।

'रोल कैमरा, एक्शन' मोड में बोले मुख्यमंत्री- उदयनिधि

उदयनिधि ने विजय के भाषण को फिल्मी अंदाज से जोड़ते हुए कहा कि मुख्यमंत्री 'रोल कैमरा, एक्शन' मोड में दिखाई दिए और उनके पास पर्याप्त तैयारी नहीं थी। उन्होंने तंज कसते हुए उन्हें अगली विधानसभा कार्यवाही के लिए बेहतर तैयारी करने की सलाह दी। उदयनिधि की प्रतिक्रिया मुख्यमंत्री विजय द्वारा विधानसभा में डीएमके पर लगाए गए गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद आई। विजय ने कथित ईडी दस्तावेजों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि पिछली डीएमके सरकार के दौरान सरकारी ठेकों में 'पार्टी फंड' के नाम पर धन जुटाया गया।

विजय ने दावा किया कि ईडी के दस्तावेज में तत्कालीन मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (MK Stalin), उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन और मंत्री सेंथिल बालाजी (Senthil Balaji) के नाम कथित लाभार्थियों के तौर पर सामने आते हैं। हालांकि, ये आरोप मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा में दस्तावेजों के हवाले से लगाए गए हैं और स्वतंत्र रूप से इन दावों की पुष्टि नहीं हुई है। विजय ने यह भी दावा किया कि कुछ सरकारी ठेकों में 7.5 से 10 प्रतिशत तक रकम 'पार्टी फंड' के नाम पर लिए जाने का उल्लेख दस्तावेजों में है। उन्होंने नगर प्रशासन एवं जल आपूर्ति विभाग (MAWS) से जुड़े ठेकों का भी संदर्भ दिया।

सारकारिया आयोग की रिपोर्ट का भी जिक्र

मुख्यमंत्री विजय ने अपने भाषण में पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि (M. Karunanidhi) से जुड़े पुराने आरोपों का उल्लेख करते हुए सारकारिया आयोग की रिपोर्ट का भी हवाला दिया। विजय ने आरोप लगाया कि रिपोर्ट में तत्कालीन मुख्यमंत्री करुणानिधि पर अपने पद का दुरुपयोग करने से जुड़े आरोपों का उल्लेख था। उन्होंने इन पुराने मामलों का संदर्भ मौजूदा राजनीतिक बहस के दौरान दिया।

डीएमके विधायकों का धरना और वॉकआउट

विजय के भाषण के बाद डीएमके विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष के सामने सदन में धरना दिया। विधायक मुख्यमंत्री के भाषण पर जवाब देने का अवसर मांग रहे थे, लेकिन अध्यक्ष की ओर से अनुमति नहीं मिलने के बाद डीएमके विधायकों ने सदन से वॉकआउट करने का फैसला किया।

वॉकआउट के बीच विजय ने डीएमके विधायक की मदद की

राजनीतिक टकराव के बीच विधानसभा में एक अलग मानवीय दृश्य भी देखने को मिला। डीएमके के तिरुवैयारू विधायक दुरई चंद्रशेखर (Durai Chandrasekhar) वॉकआउट के दौरान अपनी सीट से उठ नहीं पा रहे थे। मुख्यमंत्री विजय ने जब उन्हें देखा और पूछा कि वह बाहर क्यों नहीं जा रहे हैं, तो विधायक ने बताया कि वह उठने में असमर्थ हैं। इसके बाद विजय अपनी सीट से उठे, उन्होंने हाथ बढ़ाकर विधायक को खड़ा होने में मदद की। विधायक ने हाथ जोड़कर मुख्यमंत्री का आभार जताया और इसके बाद वॉकआउट में शामिल हो गए। इस घटना पर सदन में मौजूद सदस्यों ने मेज थपथपाकर प्रतिक्रिया दी।