नई दिल्ली: दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन मार्केट में बहुमंजिला इमारत गिरने के बाद राजधानी में यातायात प्रभावित हो गया है। बचाव और राहत अभियान जारी रहने के बीच दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सोमवार को एडवाइजरी जारी कर यात्रियों से कुछ प्रमुख मार्गों से बचने और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की अपील की। हादसे में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एक्स पर जारी एडवाइजरी में बताया कि सत्य निकेतन मार्केट में इमारत गिरने के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है। इसके कारण सफदरजंग अस्पताल से धौला कुआं, रिंग रोड (RTR) और बेनिटो जुआरेज मार्ग की ओर यातायात प्रभावित है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि संभव हो तो इन मार्गों से बचें और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करने को भी कहा गया है। पुलिस ने लोगों से हादसे वाली जगह के आसपास रुकने, वाहन खड़ा करने या भीड़ लगाने से बचने को कहा है, ताकि एंबुलेंस और बचाव वाहनों को बिना रुकावट रास्ता मिल सके।
TRAFFIC ALERT | SATYA NIKETANFollowing a building collapse at Satya Niketan Market, South Campus, rescue and relief operations are underway. Emergency teams are working at the spot.🚦 Traffic movement is affected on routes from:* Safdarjung Hospital towards Dhaula Kuan* RTR…
— Delhi Traffic Police (@dtptraffic) September 7, 2026
छह लोगों की मौत, एक और व्यक्ति के दबे होने की आशंका
सत्य निकेतन हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। राहत और बचाव दलों ने मलबा हटाने के दौरान एक और शव बरामद किया। अब तक 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि मलबे में किसी अन्य व्यक्ति के फंसे होने की संभावना को देखते हुए तलाशी अभियान जारी है। दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि अभी यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि मलबे में कोई और व्यक्ति मौजूद है या नहीं। उन्होंने एक अज्ञात मजदूर के अंदर फंसे होने की आशंका जताई, लेकिन कहा कि बचाव अभियान पूरा होने से पहले इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती।
आसपास की इमारत भी बनी चुनौती
मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के मुताबिक, हादसे वाली इमारत के पास मौजूद एक पुरानी इमारत की स्थिति भी बचाव अभियान के लिए चुनौती बनी हुई है। इसे पहले ही खाली कराया जा चुका है और इसे गिराने की योजना है, लेकिन फिलहाल उसकी अस्थिर स्थिति के कारण तत्काल कार्रवाई करना जोखिम भरा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) लगातार अभियान में जुटा है और मलबे के नीचे किसी और व्यक्ति की मौजूदगी की जांच की जा रही है।
बेसमेंट में चल रहे काम पर उठे सवाल
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे से पहले इमारत के बेसमेंट में निर्माण या मरम्मत से जुड़ा काम चल रहा था। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि इसी दौरान संरचनात्मक बदलाव के कारण इमारत की स्थिरता प्रभावित हुई हो सकती है। हालांकि हादसे के अंतिम कारण की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। रिपोर्टों के अनुसार, यह इमारत छात्रों के लिए पेइंग गेस्ट (PG) आवास के रूप में इस्तेमाल हो रही थी। हादसे के बाद दिल्ली में छात्र आवासों, पुराने भवनों और निर्माण सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।
MCD ने अवैध निर्माणों पर कार्रवाई के दिए निर्देश
हादसे के बाद नगर निगम ने अवैध रूप से निर्मित चार से अधिक मंजिल वाली इमारतों को सील करने की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने निर्माण नियमों के उल्लंघन की जांच और जिम्मेदारी तय करने की बात कही है। सत्य निकेतन जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में बड़ी संख्या में छात्र और किरायेदार रहते हैं। ऐसे में इस हादसे ने भवन सुरक्षा, पीजी आवासों की निगरानी और निर्माण नियमों के प्रभावी पालन पर नए सिरे से चिंता बढ़ा दी है।
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