नई दिल्ली: दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को इमारत ढहने की घटना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से बातचीत की और मौके की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए घायलों को हरसंभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।

अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री, दिल्ली पुलिस आयुक्त और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के महानिदेशक से बातचीत कर घटनास्थल की स्थिति की जानकारी ली।

गृह मंत्री ने की सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना 

गृह मंत्री ने कहा कि स्थानीय प्रशासन और NDRF की टीमें आपसी समन्वय के साथ व्यापक राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। उन्होंने घायलों को आवश्यक चिकित्सा सहायता दिए जाने की जानकारी देते हुए सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

तलाशी और बचाव अभियान जारी है

दिल्ली पुलिस के अनुसार, इमारत ढहने के बाद अब तक छह लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है। हालांकि, मलबे में अभी और लोगों के फंसे होने की आशंका को देखते हुए तलाशी और बचाव अभियान जारी है। हादसे की सूचना रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे दिल्ली अग्निशमन विभाग को मिली थी। सूचना मिलते ही दमकलकर्मियों, पुलिसकर्मियों और आपदा राहत दलों को मौके पर भेजा गया।

CM रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का किया दौरा

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी घटनास्थल पर पहुंचीं और मौके की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने चल रहे तलाशी एवं बचाव अभियान की निगरानी की और अधिकारियों से राहत कार्यों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है और मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

कई एजेंसियां राहत-बचाव अभियान में जुटीं

घटनास्थल पर दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), NDRF, दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली पुलिस, नगर निगम दिल्ली (MCD), केंद्रीयकृत दुर्घटना एवं ट्रॉमा सेवाएं (CATS) और सिविल डिफेंस की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं।

सुरक्षा के मद्देनजर आसपास की इमारतों को लेकर भी एहतियाती कदम उठाए गए हैं। फिलहाल प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों का पता लगाकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।

40-50 साल पुरानी थी इमारत

पुलिस की स्थानीय जांच के मुताबिक, ढही इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी थी। इसमें बेसमेंट के अलावा पांच ऊपरी मंजिलें थीं और इसका इस्तेमाल पीजी आवास के तौर पर किया जा रहा था।पुलिस के अनुसार, हादसे के समय बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान इमारत ढह गई। घटना के कारणों की विस्तृत जांच अभी जारी है।