DoT का SIM कार्ड पर बड़ा एक्शन! ज्यादा कनेक्शन रखने वालों के लिए नया नियम, जानें कब हो सकता है नंबर बंद

दूरसंचार विभाग (DoT) ने फर्जी SIM, साइबर फ्रॉड और डिजिटल धोखाधड़ी पर रोक लगाने के लिए मोबाइल कनेक्शन की निगरानी सख्त करने की तैयारी की है। तय सीमा तक पहुंच चुके ग्राहकों की पहचान डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म के जरिए की जाएगी और लिमिट से अधिक कनेक्शन सक्रिय होने पर कार्रवाई हो सकती है।

By  Laxman August 20th 2026 12:51 PM

अगर आपके नाम पर एक से ज्यादा SIM कार्ड हैं, तो अब आपको अपने मोबाइल कनेक्शनों को लेकर थोड़ा ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। दूरसंचार विभाग यानी Department of Telecommunications (DoT) मोबाइल कनेक्शन जारी करने और उनकी निगरानी की प्रक्रिया को और सख्त करने जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य फर्जी SIM कार्ड, साइबर फ्रॉड और मोबाइल नंबरों के गलत इस्तेमाल पर रोक लगाना है।

दरअसल, देश में एक व्यक्ति के नाम पर मोबाइल कनेक्शन रखने की अधिकतम सीमा पहले से निर्धारित है। अब DoT इस व्यवस्था को और प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए टेलीकॉम कंपनियों के सिस्टम को डिजिटल निगरानी व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

एक व्यक्ति के नाम पर कितने SIM हो सकते हैं?

मौजूदा नियमों के मुताबिक, सामान्य राज्यों में एक व्यक्ति अपने नाम पर अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन रख सकता है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में यह सीमा अलग है।

असम, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों में एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम 6 मोबाइल कनेक्शन रखने की सीमा निर्धारित है।

इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को 9 SIM रखना जरूरी है। यह केवल अधिकतम सीमा है। यदि किसी व्यक्ति के नाम पर पहले से तय संख्या में कनेक्शन मौजूद हैं, तो उसके नाम पर नया मोबाइल कनेक्शन जारी करने से पहले अतिरिक्त जांच की जरूरत होगी।

नया सिस्टम कैसे करेगा काम?

DoT इस निगरानी व्यवस्था के लिए Digital Intelligence Platform (DIP) का इस्तेमाल कर रहा है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए अलग-अलग टेलीकॉम कंपनियों से मिलने वाले ग्राहक डेटा का विश्लेषण किया जाता है।

इससे यह पता लगाने में मदद मिलती है कि किसी व्यक्ति की पहचान पर देश में कितने मोबाइल नंबर सक्रिय हैं। अब इस सिस्टम को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि तय सीमा तक पहुंच चुके ग्राहकों की पहचान नया SIM जारी करते समय आसानी से की जा सके।

इसके लिए प्लेटफॉर्म पर ऐसे ग्राहकों की प्रतिनिधि तस्वीर भी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इससे नया कनेक्शन जारी करने से पहले ग्राहक की पहचान और उसके नाम पर पहले से मौजूद मोबाइल कनेक्शनों की संख्या की जांच करना आसान हो सकता है।

लिमिट से ज्यादा SIM होने पर क्या होगा?

सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि अगर किसी व्यक्ति के नाम पर निर्धारित सीमा से अधिक SIM हैं तो क्या होगा?

दिए गए नियमों के मुताबिक, यदि किसी ग्राहक की निर्धारित सीमा पहले ही पूरी हो चुकी है और इसके बावजूद नया मोबाइल कनेक्शन सक्रिय हो जाता है, तो उस अतिरिक्त कनेक्शन पर कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे कनेक्शन को सस्पेंड किया जा सकता है और अतिरिक्त SIM से जुड़े मामले का समाधान होने तक सेवा बंद रह सकती है।

इसलिए अगर किसी व्यक्ति के पास लंबे समय से इस्तेमाल न होने वाले पुराने नंबर हैं या उसके नाम पर ऐसे SIM सक्रिय हैं जिनका इस्तेमाल वह नहीं करता, तो अपने मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी रखना महत्वपूर्ण होगा।

30 नवंबर तक टेलीकॉम कंपनियों को करना होगा सिस्टम इंटीग्रेशन

DoT ने टेलीकॉम कंपनियों को इस व्यवस्था को अपने Subscriber Enrollment और SIM Activation System से जोड़ने के लिए समयसीमा भी दी है।

दिए गए विवरण के अनुसार, कंपनियों को 30 नवंबर 2026 तक इस सिस्टम का इंटीग्रेशन पूरा करना होगा। इसके बाद नया SIM जारी करते समय ग्राहक के नाम पर मौजूद मोबाइल कनेक्शनों की जांच ज्यादा तेजी और प्रभावी तरीके से की जा सकेगी।

इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि तय सीमा पूरी कर चुके व्यक्ति के नाम पर नया मोबाइल नंबर आसानी से एक्टिव न हो सके।

फर्जी SIM और साइबर अपराध पर लगाम लगाने की कोशिश

DoT की इस पहल के पीछे सबसे बड़ी वजह मोबाइल नंबरों के गलत इस्तेमाल को रोकना है। पिछले कुछ वर्षों में फर्जी SIM कार्ड का इस्तेमाल बैंकिंग फ्रॉड, साइबर ठगी, फर्जी कॉल और दूसरे ऑनलाइन अपराधों में किए जाने के मामले सामने आते रहे हैं।

कई मामलों में अपराधी बड़ी संख्या में मोबाइल कनेक्शन हासिल करके उनका इस्तेमाल अलग-अलग गतिविधियों में करते हैं। ऐसे नंबरों की पहचान करना जांच एजेंसियों के लिए चुनौती बन सकता है।

सरकार की कोशिश है कि किसी व्यक्ति की पहचान पर सक्रिय मोबाइल कनेक्शनों की संख्या की बेहतर निगरानी की जाए। इससे जरूरत पड़ने पर संदिग्ध कनेक्शनों की पहचान और कार्रवाई में मदद मिल सकती है।

आपके लिए क्या जरूरी है?

अगर आपके पास दो-तीन या उससे ज्यादा SIM हैं, तो केवल संख्या देखकर घबराने की जरूरत नहीं है। सामान्य राज्यों में निर्धारित अधिकतम सीमा 9 कनेक्शन है। लेकिन यह जरूर जांच लें कि आपके नाम पर कोई ऐसा मोबाइल नंबर तो सक्रिय नहीं है, जिसका इस्तेमाल आप नहीं करते।

खास तौर पर पुराने नंबर, बंद हो चुके कनेक्शन या ऐसे SIM जिनकी जानकारी आपको नहीं है, उनके बारे में जानकारी रखना जरूरी है। क्योंकि आने वाले समय में SIM जारी करने और एक्टिवेशन की प्रक्रिया में डिजिटल स्तर पर ज्यादा कड़ी जांच होने वाली है।

DoT का यह कदम मोबाइल कनेक्शनों को व्यक्ति की वास्तविक पहचान से जोड़ने और फर्जी SIM के इस्तेमाल को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले महीनों में टेलीकॉम कंपनियों के सिस्टम में इस व्यवस्था के पूरी तरह लागू होने के बाद नया SIM लेने की प्रक्रिया में ग्राहक की पहचान और उसके मौजूदा कनेक्शनों की जांच पहले से ज्यादा अहम हो जाएगी।

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