अगर आपकी कार या बाइक पर अभी भी पुरानी नंबर प्लेट लगी है, तो उसे बदलवाने से पहले अपने राज्य के परिवहन विभाग के मौजूदा नियम जरूर जांच लें। हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट यानी HSRP को लेकर देशभर में नियम लागू हैं, लेकिन चालान की राशि और कार्रवाई राज्य तथा वाहन की स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है।

वाहनों की बढ़ती संख्या के साथ सड़क सुरक्षा और वाहन पहचान को लेकर नियम भी लगातार सख्त किए जा रहे हैं। ड्राइविंग लाइसेंस, हेलमेट और सीट बेल्ट जैसे नियमों के साथ नंबर प्लेट भी वाहन की पहचान का अहम हिस्सा है। इसके बावजूद कई वाहन ऐसे दिखाई देते हैं जिनमें पुरानी, क्षतिग्रस्त या मानकों के अनुरूप नहीं बनी नंबर प्लेट लगी होती है।

HSRP नंबर प्लेट क्या है?

High Security Registration Plate (HSRP) एक निर्धारित मानक के तहत तैयार की गई नंबर प्लेट है। इसका उद्देश्य वाहनों की पहचान को ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है। सामान्य पुरानी नंबर प्लेट की तुलना में HSRP में कई सुरक्षा विशेषताएं होती हैं, जिससे इसके साथ छेड़छाड़ करना अपेक्षाकृत कठिन बनाया गया है।

HSRP में वाहन से जुड़ी विशिष्ट पहचान संबंधी जानकारी होती है। इसमें होलोग्राम और यूनिक पहचान संख्या जैसी सुरक्षा विशेषताएं शामिल होती हैं। इनका इस्तेमाल वाहन की पहचान और फर्जी नंबर प्लेट से जुड़े मामलों को नियंत्रित करने में मदद के लिए किया जाता है।

पुरानी या खराब नंबर प्लेट पर क्यों हो सकती है कार्रवाई?

वाहन की नंबर प्लेट स्पष्ट, निर्धारित प्रारूप में और संबंधित नियमों के अनुरूप होनी चाहिए। अगर प्लेट इतनी खराब हो गई है कि रजिस्ट्रेशन नंबर साफ दिखाई नहीं देता या प्लेट निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है, तो वाहन मालिक को उसे बदलवाना पड़ सकता है।

कई जगहों पर पुराने वाहनों के लिए भी HSRP से संबंधित नियम लागू किए गए हैं। ऐसे में वाहन मालिकों को यह देखना चाहिए कि उनकी कार या बाइक पर लगी प्लेट मौजूदा नियमों के अनुरूप है या नहीं।

उपलब्ध जानकारी में पुराने या गैर-मानक नंबर प्लेट पर ₹5,000 से ₹10,000 तक के चालान का दावा किया गया है। हालांकि, इसे देशभर में हर वाहन के लिए एक समान जुर्माना नहीं माना जाना चाहिए। चालान की वास्तविक राशि संबंधित राज्य के मोटर वाहन नियम, वाहन की श्रेणी और उल्लंघन की प्रकृति पर निर्भर कर सकती है।

1 अप्रैल 2019 से जुड़े नियम

HSRP से संबंधित व्यवस्था को केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के तहत लागू किया गया है। CMVR के Rule 50 में रजिस्ट्रेशन प्लेट से संबंधित आवश्यकताओं का प्रावधान है। 1 अप्रैल 2019 से निर्मित नए वाहनों में निर्धारित हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट व्यवस्था लागू की गई थी, जबकि पुराने वाहनों के लिए इसे लागू करने की प्रक्रिया राज्यों और संबंधित परिवहन प्राधिकरणों के माध्यम से आगे बढ़ाई गई।

इसलिए अगर आपके वाहन में अभी भी पुरानी नंबर प्लेट है, तो केवल सोशल मीडिया या किसी सामान्य जानकारी के आधार पर चालान की राशि तय न मानें। अपने राज्य के परिवहन विभाग या अधिकृत HSRP विक्रेता से वाहन नंबर के आधार पर स्थिति की पुष्टि करना बेहतर है।

HSRP की प्रमुख खासियतें

HSRP को वाहन की सुरक्षा और पहचान को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है। इसमें निर्धारित फॉन्ट और लेआउट के अलावा सुरक्षा संबंधी विशेषताएं होती हैं। प्लेट पर मौजूद पहचान संबंधी कोड और होलोग्राम वाहन की पहचान को अधिक विश्वसनीय बनाने में मदद करते हैं।

इसके अलावा HSRP को इस तरह तैयार किया जाता है कि नंबर प्लेट को आसानी से हटाकर दूसरी गाड़ी पर इस्तेमाल करना मुश्किल हो। इससे वाहन चोरी, फर्जी रजिस्ट्रेशन और नकली नंबर प्लेट से जुड़े मामलों पर नियंत्रण में मदद मिल सकती है।

वाहन मालिक क्या करें?

अगर आपकी नंबर प्लेट पुरानी, टूटी हुई, अस्पष्ट या गैर-मानक है, तो उसे बदलवाने में देरी न करें। सबसे पहले अपने राज्य के परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर HSRP से जुड़ी जानकारी देखें और अधिकृत माध्यम से आवेदन करें।

नंबर प्लेट बदलवाते समय यह भी सुनिश्चित करें कि प्लेट वाहन के सही रजिस्ट्रेशन नंबर पर ही जारी हुई हो। किसी अनधिकृत दुकान से सामान्य प्लेट बनवाने के बजाय निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है।