सहारनपुर जा रहे अजय राय को लखनऊ में पुलिस ने हिरासत में लिया, बोले- 'सरकार की दमनकारी कार्रवाई से नहीं झुकेंगे'
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को सहारनपुर जाते समय लखनऊ में पुलिस ने हिरासत में लिया। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल मस्जिद ध्वस्तीकरण से प्रभावित लोगों और मस्जिद समिति सदस्यों से मिलने जा रहा था। राय ने सरकार पर दमन का आरोप लगाया।
लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को सोमवार को सहारनपुर जाते समय लखनऊ में पुलिस ने हिरासत में ले लिया। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, राय के साथ जा रहे पार्टी कार्यकर्ताओं और प्रतिनिधिमंडल को भी पुलिस ने रोककर पुलिस लाइंस ले जाया गया। प्रतिनिधिमंडल सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद ध्वस्तीकरण से प्रभावित लोगों और मस्जिद समिति के सदस्यों से मिलने जा रहा था।
अजय राय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विपक्षी नेताओं को प्रभावित लोगों से मिलने से रोक रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस का इस्तेमाल कर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। राय ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई कांग्रेस की आवाज को दबा नहीं सकती और प्रभावित लोगों को न्याय दिलाने के लिए पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा। कांग्रेस का कहना है कि उसका प्रतिनिधिमंडल सहारनपुर पहुंचकर मस्जिद समिति के सदस्यों, स्थानीय लोगों और घटना से प्रभावित पक्षों से बातचीत करना चाहता था।
क्या है सहारनपुर मस्जिद विवाद?
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को जिला प्रशासन ने 5 सितंबर को ध्वस्त कर दिया था। यह कार्रवाई उस समय हुई जब जिला जज की अदालत ने 2 सितंबर को मस्जिद समिति की अपील खारिज करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट के पहले के आदेश को बरकरार रखा था। सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने निर्माण को सरकारी जमीन पर अनधिकृत बताते हुए कार्रवाई का आदेश दिया था। प्रशासन के अनुसार, विवादित ढांचा करीब 315 वर्ग मीटर सरकारी जमीन पर था और मामले में उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत अधिभोगियों की बेदखली) अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई थी। मामले में करीब 6.41 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।
भारी सुरक्षा के बीच हुई थी कार्रवाई
मस्जिद ध्वस्तीकरण के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर के सभी प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए थे। क्षेत्र में पुलिस, प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (PAC) और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती की गई थी। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की थी। सहारनपुर के डीआईजी अभिषेक सिंह ने कहा था कि प्रशासन ने अदालत के आदेश और कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की।
ध्वस्तीकरण के बाद मिला कुआं, ASI करेगा जांच
मस्जिद के मलबे के नीचे एक करीब 20 फुट गहरा कुआं मिलने के बाद मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। इस खोज के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) से स्थल की जांच कराने की तैयारी की जा रही है, ताकि कुएं की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और महत्व का पता लगाया जा सके। मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद विपक्षी दलों ने सरकार और प्रशासन पर निशाना साधा है। समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने दावा किया था कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोकने के लिए नजरबंद किया गया। कांग्रेस नेता इमरान मसूद और बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। अजय राय ने इससे पहले मस्जिद ध्वस्तीकरण को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए 7 सितंबर को कांग्रेस के तथ्य-जांच दल के सहारनपुर पहुंचने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि प्रतिनिधिमंडल अधिकारियों से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेगा।